वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के राजातालाब थाना क्षेत्र के रानी बाजार में सोमवार को कांवड़ियों और स्थानीय दुकानदारों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. इस घटना में कांवड़ियों के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद पुलिस ने छह दुकानदारों के खिलाफ मारपीट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया. इस मामले ने स्थानीय समुदायों के बीच तनाव पैदा कर दिया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया.
सावन के तीसरे सोमवार को जंसा थाना क्षेत्र से कांवड़ियों का एक जत्था मिर्जापुर के अदलपुरा स्थित मां शीतला मंदिर से गंगा घाट से जल लेकर रामेश्वर मंदिर की ओर जा रहा था. रानी बाजार में एक कांवड़िया, शुभम यादव, के पैर में चोट लगने के कारण खून बह रहा था. वह एक जूते-चप्पल की दुकान पर मोजा खरीदने गया, जहां दुकानदार से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई. कांवड़ियों का आरोप है कि इसके बाद दुकानदार और कुछ अन्य लोगों ने शुभम और उनके साथी पलटू राम यादव के साथ मारपीट की और उनके भगवा कपड़े फाड़ दिए.
कांवड़ियों ने दावा किया कि पास की मस्जिद की ओर से 5-6 मुस्लिम युवक आए और उन्हें भला-बुरा कहते हुए मारपीट की. कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि कांवड़ियों को जबरन धार्मिक नारे लगाने के लिए कहा गया, हालांकि पुलिस ने इसे दुकानदार और ग्राहक के बीच सामान्य विवाद बताया.
मारपीट की घटना से नाराज कांवड़ियों ने जंसा-राजातालाब हाईवे पर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो लगभग 30 मिनट तक चला. सूचना मिलते ही बजरंग दल के जिला अध्यक्ष राजेश पांडेय सहित हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और कथित आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भी धक्का-मुक्की की स्थिति बनी.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल, एसीपी राजातालाब और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रित किया. कांवड़ियों की तहरीर के आधार पर छह दुकानदारों, जिनमें से एक का नाम मुनव्वर बताया गया है के खिलाफ मारपीट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया. सभी छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ जारी है.
डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल ने बताया, "कांवड़ियों की शिकायत के आधार पर छह लोगों को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है. क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है." पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह घटना दुकानदार और ग्राहक के बीच सामान्य विवाद थी, और इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश को खारिज किया.
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ाया. पुलिस-प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की हिंसा या माहौल बिगाड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पीएसी और तीन थानों की पुलिस तैनात की गई है. घायल कांवड़ियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.