नेपाल भारत का प्राथमिक साझेदार है: पीएम मोदी ने बालेन शाह की पार्टी के प्रमुख से दिल्ली में की मुलाकात

Amanat Ansari 03 Jun 2026 11:54: PM 3 Mins
नेपाल भारत का प्राथमिक साझेदार है: पीएम मोदी ने बालेन शाह की पार्टी के प्रमुख से दिल्ली में की मुलाकात

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) के चेयरमैन रवि लामिछाने से मुलाकात की और भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत नेपाल को "प्राथमिकता साझेदार" बताया. यह मुलाकात दोनों पड़ोसी देशों के बीच हालिया तनाव के बीच महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल मानी जा रही है. यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि हाल के महीनों में भारत-नेपाल संबंध कलापानी-लिपुलेख-लिम्पियाधुरा क्षेत्रीय विवाद और नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के सीमा अतिक्रमण संबंधी बयानों को लेकर तनावपूर्ण रहे हैं.

हाल ही में नेपाल ने भारत द्वारा लिपुलेख मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा आयोजित करने पर आपत्ति जताई थी और दावा किया था कि यह क्षेत्र उसके अधिकार क्षेत्र में आता है. भारत ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि नेपाल की स्थिति ऐतिहासिक तथ्यों और प्रमाणों से समर्थित नहीं है. इसी पृष्ठभूमि में लामिछाने की दिल्ली यात्रा को दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक संवाद के द्वार फिर से खोलने और नेपाल की नई सरकार के तहत संबंधों को स्थिर करने का प्रयास माना जा रहा है.

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "नेपाल की राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के चेयरमैन श्री रवि लामिछाने से मिलकर बहुत खुशी हुई. मैं उनका इच्छा-शक्ति का स्वागत करता हूं और पूरी तरह साझा करता हूं कि हम साथ मिलकर साझा और समृद्ध भविष्य के लिए काम करें. हमारी नेबरहुड फर्स्ट नीति के तहत नेपाल प्राथमिकता साझेदार है और हम नई सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों के बीच विशेष एवं बहुआयामी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उत्सुक हैं."

पूर्व पत्रकार रवि लामिछाने ने इस मुलाकात को एक घंटे की उत्पादक बातचीत बताया. उन्होंने कहा कि वे पीएम मोदी के साथ नेपाल-भारत संबंधों को विकास और कनेक्टिविटी पर आधारित नई दिशा देने के विजन को साझा करते हैं. उन्होंने ट्वीट किया, "मैं आपके उस विजन को साझा करता हूं जिसमें नेपाल और भारत अतीत की बाधाओं को पार करके विकास कूटनीति के नए युग को अपनाएं. साझा सभ्यतागत बंधनों, डिजिटल गलियारों और निर्बाध कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करके हम वास्तव में प्रगति और आपसी विश्वास पर आधारित साझेदारी बना सकते हैं."

आरएसपी प्रतिनिधिमंडल भारत में, भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात

रवि लामिछाने की पीएम मोदी से मुलाकात भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी (या नबिन, जैसा लेख में उल्लेख) के निमंत्रण पर सोमवार को दिल्ली पहुंचे आरएसपी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के बाद हुई. मंगलवार को उन्हें भाजपा मुख्यालय में गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जहां उन्होंने भाजपा अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. यह नेपाल में मार्च में सत्ता में आने के बाद भाजपा और आरएसपी के बीच पहली औपचारिक पार्टी-टू-पार्टी बातचीत है. आरएसपी एक 'जनरेशन Z' आंदोलन के जरिए प्रो-चाइना नेता के.पी. शर्मा ओली की सरकार गिराकर सत्ता में आई थी.

आधिकारिक रूप से यह यात्रा भाजपा की 'Know BJP' पहल का हिस्सा है, लेकिन इसका सामरिक महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि बालेन शाह के सत्ता में आने के बाद नई दिल्ली और काठमांडू के बीच सरकारी स्तर पर संवाद सीमित रहा है. दोनों देशों के बीच समय-समय पर तनाव के बावजूद नेपाल व्यापार, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा सहयोग और लोगों के बीच संबंधों के जरिए भारत से गहराई से जुड़ा हुआ है. दोनों देशों के बीच लगभग 1,800 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है, जिससे स्थिर संबंध दोनों के लिए बेहद जरूरी हैं.

हालिया तनाव कलापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा विवाद पर केंद्रित रहा है. बालेन शाह ने पहले सीमा मुद्दे पर सख्त राष्ट्रवादी रुख अपनाया था, लेकिन हाल ही में संसद में उन्होंने माना कि सीमा अतिक्रमण एकतरफा नहीं है और दोनों देशों ने कुछ क्षेत्रों में एक-दूसरे की भूमि पर अतिक्रमण किया है. इन टिप्पणियों से नेपाल में काफी विवाद हुआ और कई लोगों ने उनके इस्तीफे की मांग की.

इसी संदर्भ में रवि लामिछाने की यात्रा और पीएम मोदी से उनकी मुलाकात को दोनों पक्षों की तरफ से यह संकेत माना जा रहा है कि राजनीतिक मतभेदों और अनसुलझे विवादों के बावजूद व्यापक सामरिक साझेदारी को बनाए रखने और संवाद के रास्ते खुले रखने की इच्छा दोनों देशों में मौजूद है.

India-Nepal ties Narendra Modi Rabi Lamichhane Rashtriya Swatantra Party

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