चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों में 6 IAS अधिकारियों के खिलाफ जांच की मंजूरी दे दी है. इनमें सबसे चर्चित नाम रामकुमार सिंह का है, जिन्हें पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
इन 6 IAS अधिकारियों पर कार्रवाई
मामला क्या है?
ये सभी अधिकारी विभिन्न विभागों में रहते हुए ठेका आवंटन, जमीन आवंटन, भर्ती प्रक्रिया और अन्य अनियमितताओं में लिप्त पाए गए. राज्य सरकार ने इनके खिलाफ Vigilance Bureau और CBI स्तर की जांच की अनुमति दी है. रामकुमार सिंह पर सबसे गंभीर आरोप हैं. उन पर शहरी निकाय विभाग में करोड़ों रुपये के घोटाले, अवैध ठेका आवंटन और रिश्वतखोरी के आरोप लगे हैं. उनकी गिरफ्तारी के बाद कई और बड़े खुलासे होने की आशंका है.
सरकार का सख्त रुख
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. किसी भी अधिकारी या नेता को बख्शा नहीं जाएगा, भले ही वह किसी भी पद पर हो. यह कार्रवाई हरियाणा प्रशासन में साफ-सुथरी छवि बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. विपक्षी कांग्रेस ने इसे चुनावी स्टंट बताया है, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा की दिशा में सच्ची पहल बता रही है.