नई दिल्ली: NEET-UG और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दों पर छात्रों के समर्थन में उतरे विपक्ष का केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा जारी है। इसी क्रम में नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ और राहुल गांधी के आवास के बाहर उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब 'गांधी स्मृति' और जंतर-मंतर की ओर विरोध मार्च के लिए बस में सवार होकर निकल रहे विपक्षी (INDIA गठबंधन) सांसदों को दिल्ली पुलिस ने भारी घेराबंदी कर रोक दिया।
पुलिस ने सुरक्षा और अनुमति न होने का हवाला देते हुए बस को आगे नहीं बढ़ने दिया, जिसके बाद सांसदों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
बसों के आगे लेटे नेता, पुलिस ने दर्जनों सांसदों को हिरासत में लिया
जैसे ही पुलिस ने विपक्षी सांसदों से भरी बस को रोका, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कांग्रेस व अन्य सहयोगी दलों के नेता विरोध में उतर आए। कई सांसद सड़क और बस के आगे विरोध जताने के लिए बैठ गए।
पुलिस ने पूरे इलाके में धारा 144 (प्रोहिबिटरी ऑर्डर्स) लागू होने की बात कहते हुए नेताओं को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन हंगामा बढ़ता देख पुलिसकर्मियों ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई सांसदों को जबरन उठाकर पुलिस बस में बिठाया और वहां से हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान/पुलिस स्टेशन ले गई।
"हम डरने वाले नहीं, छात्रों के हक की लड़ाई जारी रहेगी": प्रियंका वाड्रा
हिरासत में लिए जाने के दौरान मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बजाय पुलिस बल के दम पर विपक्ष और युवाओं की आवाज को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा, "यह सरकार हर मोर्चे पर नाकाम हो चुकी है। छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं और जब सांसद उनके हक में आवाज उठाते हैं, तो पुलिस को आगे कर दिया जाता है।"
जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली में अभेद्य सुरक्षा
इस घटनाक्रम के बाद लुटियंस दिल्ली, जंतर-मंतर और नई दिल्ली प्रशासनिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) और दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह के बड़े मार्च या सड़क जाम को रोका जा सके।