पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेत्री स्मृति ईरान ने लोकसभा चुनाव हारने के बाद सरकारी बंगला खाली कर दिया है. वह लुटियंस दिल्ली में 28 तुगलक क्रीसेंट में रह रही थी. स्मृति ईरानी को लोकसभा चुनाव में हार मिलने के बाद 11 जुलाई तक सरकारी आवास खाली करने के लिए कहा गया था. इसी बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक बयान तेजी के साथ वायरल हो रहा है, जिसमें वह कर रहे हैं कि लोग स्मृति ईरानी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल न करें.
राहुल गांधी ने कहा है कि हार जीत लगी रहती है. राहुल गांधी ने शोसल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर कहा है कि जीवन में हार-जीत तो होती रहती है. मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे श्रीमती स्मृति ईरानी या किसी अन्य नेता के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने और बुरा व्यवहार करने से बचें. लोगों को अपमानित करना कमजोरी की निशानी है, ताकत की नहीं.

बता दें कि भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने यूपी की अमेठी संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था. लेकिन वह यहां से हार गई थी. कांग्रेस नेता किशोरी लाल ने उन्हें हराने में सफलता हासिल की थी. वहीं स्मृति इरानी ने लोकसभा चुनाव 2019 में यहां से राहुल गांधी को हरा दिया था, जिसके बाद वह लगातार कांग्रेस समर्थकों के निशाने पर थी. स्मृति ईरानी के खिलाफ लगातार कांग्रेस समर्थक अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे.
कांग्रेस समर्थक लगातार स्मृति को घमंडी आदि कह रहे थे. वहीं यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एक कदम आगे बढ़ते हुए स्मृति को मानसिक रूप से विक्षिप्त कह दिया था. उन्होंने पीएम मोदी से स्मृति का इलाज कराने के लिए भी कहा था. वहीं अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी पूर्व अमेठी सांसद के खिलाफ अभद्र शब्दों का प्रयोग किया था. वहीं अब राहुल गांधी ने इसपर बयान देकर कोशिश की है कि उनके समर्थक स्मृति ईरानी और अन्य नेताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रोयग न करें.