लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने वायनाड के लोगों से अपनी बहन प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) का ख्याल रखने की अपील की, क्योंकि प्रियंका गांधी इस निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर रही हैं. प्रियंका गांधी के नामांकन दाखिल करने के बाद वायनाड में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि वायनाड (Wayanad) देश का ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है, जहां से दो सांसद हैं. एक आधिकारिक सांसद है और दूसरा अनौपचारिक सांसद है और दोनों वायनाड के हितों की रक्षा के लिए काम करेंगे.
साथ ही राहुल गांधी ने पिता की मौत के बाद अपनी मां सोनिया गांधी (सोनिया गांधी) की देखभाल करने के लिए अपनी बहन की भी सराहना की. राहुल गांधी ने कहा कि मेरी मां यहां बैठी हैं. मेरे पिता की मौत के बाद, मेरी बहन ने ही मेरी मां की देखभाल की. जब पापा की मौत हुई, तब वह 17 वर्ष की थीं. मेरी मां ने सब कुछ खो दिया, मेरी बहन ने सब कुछ खो दिया, लेकिन मेरी बहन ने मेरी मां की देखभाल की.
राहुल गांधी ने कहा कि जब हम छोटे थे, तो प्रियंका अपने दोस्तों से बहुत प्यार करती थीं और उनके लिए कुछ भी करने को तैयार रहती थीं. अगर वह अपने दोस्तों के लिए ऐसा करती हैं, तो कल्पना करें कि वह अपने परिवार के लिए क्या कर सकती हैं. राहुल गांधी ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि मेरी बहन अपने परिवार के लिए सबकुछ त्यागने को तैयार है. प्रियंका वायनाड के लोगों को अपना परिवार मानती हैं. मुझे भी आपसे एक मदद चाहिए. मैं वायनाड के लोगों से मेरी बहन का ख्याल रखने और उसकी रक्षा करने का अनुरोध करता हूं.
वहीं प्रियंका गांधी ने वायनाड के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि वे उस समय उनके भाई के साथ खड़े थे, जब पूरी दुनिया उनसे मुंह मोड़ रही थी. प्रियंका गांधी ने कहा कि आप मेरे भाई के साथ तब खड़े रहे, जब पूरी दुनिया उनसे मुंह मोड़ रही थी... आपने उन्हें लड़ते रहने की ताकत और हिम्मत दी... मेरा पूरा परिवार हमेशा आपका ऋणी और आभारी रहेगा...
मुझे पता है कि उन्हें आपको छोड़कर जाना पड़ा और मैं वादा करती हूं कि मैं आपके और उनके बीच के रिश्ते को और मजबूत करूंगी. बता दें कि वायनाड उपचुनाव राहुल गांधी द्वारा निर्वाचन क्षेत्र छोड़ने और रायबरेली को चुनने के बाद उपचुनाव की जरूरत पड़ी, जो इस साल के लोकसभा चुनावों में उनकी दूसरी सीट थी. इस साल गांधी ने सीपीआई की एनी राजा को हराकर वायनाड सीट 3.6 लाख वोटों के अंतर से जीती थी. इसके बाद कांग्रेस ने वायनाड में हुए उपचुनाव में प्रियंका को मैदान में उतारा है.
भले ही प्रियंका गांधी यहां से पहली बार चुनावी मैदान में उतरी हों, लेकिन उन्हें चुनावों का अच्छा खासा अनुभव है, उन्होंने 2014 और 2019 के चुनावों में अपनी मां सोनिया की रायबरेली सीट संभाली थी. 2019 में उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभार दिया गया था.