जहां नाथूराम गोडसे ने मारी थी महात्मा गांधी को गोली, वहीं जाने के लिए क्यों अड़े राहुल गांधी?

Rahul Jadaun 23 Jul 2026 08:12: PM 1 Mins
जहां नाथूराम गोडसे ने मारी थी महात्मा गांधी को गोली, वहीं जाने के लिए क्यों अड़े राहुल गांधी?

नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले और युवाओं के प्रदर्शन को लेकर राजधानी दिल्ली में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। गुरुवार शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर हुई अहम बैठक के बाद, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA गठबंधन के कई प्रमुख विपक्षी सांसद बसों में सवार होकर 'गांधी स्मृति' (30 जनवरी मार्ग) के लिए रवाना हुए।

हालांकि, रास्ते में ही दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स और पुलिस बसें लगाकर उनका रास्ता रोक दिया। इसके बाद मौके पर भारी हंगामा और नोकझोंक देखने को मिली। लगभग 10 मिनट तक चले गतिरोध और सांसदों के विरोध के बाद पुलिस ने आखिरकार रास्ता खोल दिया और बसों को आगे जाने की अनुमति दे दी।

गांधी स्मृति पर पुलिस बल तैनात, सांसदों की शांतिपूर्ण प्रार्थना

विपक्षी सांसदों और नेताओं के गांधी स्मृति पहुँचने से पहले ही वहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए थे। परिसर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया था। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित सभी नेताओं ने गांधी स्मृति पहुँचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश में शांति व न्याय के लिए प्रार्थना की।

इससे पहले बीते 21 जुलाई को मल्लिकार्जुन खड़गे के जन्मदिन के अवसर पर भी राहुल और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने पीएम आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) की ओर मार्च किया था और वहाँ धरना दिया था।

ऐतिहासिक 'गांधी स्मृति' का महत्व

30 जनवरी मार्ग पर स्थित गांधी स्मृति को पहले 'बिड़ला हाउस' के नाम से जाना जाता था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अंतिम 144 दिन इसी स्थान पर बिताए थे। 30 जनवरी 1948 को जब बापू शाम की प्रार्थना सभा के लिए जा रहे थे, तब नाथूराम गोडसे ने इसी परिसर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।

आज भी यहाँ महात्मा गांधी जी के अंतिम कदमों के निशान और वह स्थान सुरक्षित रखा गया है, जो देश के इतिहास और शांति संदेश का प्रतीक है।

 

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