आंध्र प्रदेश में एक ऐसी दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है जिसे सुनने के बाद पुलिस प्रशासन भी दंग रह गया, जिस नाबालिग लड़की के पिता का 3 साल पहले देहांत हो चुका है, उसकी मां मेहनत मजदूरी करके अपनी बच्ची को स्कूल में पढ़ा रही थी, उसी 15 साल की नाबालिग दलित किशोरी के साथ 2 साल से 14 लोग बलात्कार कर रहे थे. इनकी हैवानियत के चलते वो मासूम गर्भवती हो गई, जिसके बाद किशोरी मां को पता चला तो चारों तरफ हड़कंप मच गया. अब इस मामले में पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 14 मुख्य आरोपी और तीन अन्य शामिल हैं, जिन्हें अपराध की जानकारी थी लेकिन उन्होंने इसे छिपाया। पीड़िता आठ महीने की गर्भवती है और वर्तमान में अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला तब उजागर हुआ जब किशोरी की मां ने जून 2025 की शुरुआत में शिकायत दर्ज की। पीड़िता एकल माता-पिता के परिवार से है और अनुसूचित जाति (मदिगा) समुदाय से ताल्लुक रखती है। जांच से पता चला कि एक आरोपी ने किशोरी और उसके सहपाठी की तस्वीरें खींचकर उसे ब्लैकमेल किया। इसके बाद, धमकियों, हिंसा और सोशल मीडिया पर तस्वीरें लीक करने की धमकी देकर उसे बार-बार यौन शोषण का शिकार बनाया गया। आरोपियों ने अपराध को और भयावह बनाने के लिए वीडियो भी बनाए। गिरफ्तार आरोपियों में अचमपल्ली वर्धन (21), तलारी मुरली (25), नंदवर्धन राज (23), अरेंचेरु नागराजु (51), बोया संजीव (40), और बुडिदा रजन्ना (49) शामिल हैं। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
जिला पुलिस अधीक्षक वी. रत्ना ने बताया कि 9 जून 2025 को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। पीड़िता की स्थिति नाजुक है, और उसे खून की कमी व अवसाद की समस्या है। यह मामला दलित समुदाय के प्रति हिंसा और सामाजिक भेदभाव को उजागर करता है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।