नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में टूट का सिलसिला तेज हो गया है. पार्टी के बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में विलय का फैसला कर लिया है. इस कदम के साथ वे केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को समर्थन देने की तैयारी में हैं. रविवार को दिल्ली में बागी नेताओं की दो बड़ी बैठकें हुईं. पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक हुई, जिसके बाद बागी सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने पहुंचे.
कौन-कौन शामिल?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे भी भूपेंद्र यादव के घर हुई बैठक में मौजूद रहे. सूत्रों के अनुसार, अलग संसदीय दल बनाने की कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए बागी गुट ने मौजूदा नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी (जिसकी उपस्थिति असम, त्रिपुरा, बंगाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों में है) में विलय करने का फैसला किया है. इस पार्टी में शामिल होकर वे औपचारिक रूप से एनडीए का समर्थन करेंगे. काकोली घोष दस्तीदार पहले ही दावा कर चुकी हैं कि जल्द ही दो और सांसद उनके गुट में शामिल हो सकते हैं.
अगर ऐसा होता है तो बागी सांसदों की संख्या 22 तक पहुंच जाएगी. यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को लगे झटके के बाद पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष का नतीजा माना जा रहा है.
कई सांसद राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से नाराज बताए जा रहे हैं. अभी तक इस विलय और समर्थन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्ताव पर गंभीर चर्चा चल रही है. यह विकास तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है और लोकसभा में विपक्षी एकता को और कमजोर करने वाला कदम माना जा रहा है.