Flood in Bihar: RJD सांसद मीसा भारती ने कहा कि खबरों के माध्यम से हमें भी जानकारी मिली है कि पानी का स्तर काफी ऊपर है. हम उम्मीद करते हैं कि किसी प्रकार की बाढ़ की स्थिति होने पर बिहार सरकार इसके लिए तैयार होगी. मैं पाटलिपुत्र से सांसद हूं और उस इलाके के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई थी लेकिन प्रशासन के कान में जूं तक नहीं रेंगी. हमने वहां के पदाधिकारियों से बात करके मदद मांगी, सरकार को संवेदनहीन नहीं रहना चाहिए.
बता दें कि बिहार के उत्तरी और मध्य भाग में मूसलाधार बारिश के बाद कोसी नदी पर बीरपुर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद भयंकर बाढ़ आ गई है. बाढ़ के कारण रेलवे ट्रैक डूब गए हैं और कई जिलों में घरों में पानी घुस गया है. अररिया जिले के निवासी तारकचंद मुखिया ने मीडिया को बताया कि हमारे घरों में पानी घुसने के बाद हम सड़कों की ओर जा रहे हैं.
पानी के कारण अनाज, दालें और हमारे कपड़े सब कुछ बर्बाद हो गए हैं. मूसलाधार बारिश के बाद कोसी नदी पर बीरपुर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ शुरू हुई. बिहार सरकार ने अलर्ट जारी किया है क्योंकि बढ़ते जल स्तर से 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की निगरानी करने और कटाव या क्षति के किसी भी संकेत पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए चौबीसों घंटे टीमें तैनात की हैं.
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि नेपाल से भारी मात्रा में डिस्चार्ज के कारण जल स्तर में वृद्धि हुई है, जिसने गंडक बैराज में 5.40 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा है. अतिरिक्त पानी अररिया, सुपौल और कटिहार सहित कई जिलों के निचले इलाकों को प्रभावित कर रहा है और हजारों लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है.
राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थानीय अधिकारियों से हाई अलर्ट पर रहने का आग्रह किया है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगे भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, जिससे पहले से प्रभावित क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. 13 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, गंगा के किनारे बढ़ते जल स्तर से 13 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं.