नई दिल्ली: खगड़िया में शुक्रवार दोपहर उस वक्त खून की होली खेली गई जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंडल महासचिव दिलीप कुमार (56) को बिशनपुर मोड़ के पास दिन-दहाड़े गोली मार दी गई. दो बाइकों पर आए छह हथियारबंद बदमाश पहले से घात लगाए बैठे थे. जैसे ही दिलीप अपनी बाइक से पुलिया के पास रुके, हमलावरों ने उन पर तड़तड़ गोली बरसाई.
एक गोली सीधे सीने में घुस गई. दिलीप वहीं सड़क पर लहूलुहान गिर पड़े. इलाके में चीख-पुकार मच गई, दुकानें बंद हो गईं और लोग जान बचाकर भागे. गोली लगने के बावजूद दिलीप कुछ पल तक होश में रहे. खून से लथपथ हालत में उन्होंने कांपते हाथों से पत्नी को फोन मिलाया और बस इतना कहा, ''बचाओ… मुझे गोली मार दी… जल्दी आओ…''
फिर फोन छूट गया और वो बेहोश हो गए. पत्नी ने बताया कि ये सुनते ही उनका दिल बैठ गया. रोते-बिलखते दौड़ीं, लेकिन तब तक लोग उन्हें सदर अस्पताल पहुंचा चुके थे. डॉक्टरों ने देखते ही पटना रेफर कर दिया. बोले, ''गोली दिल के बेहद करीब लगी है, हालत बहुत नाजुक है.'' पुलिस का कहना है कि हमला पूरी प्लानिंग से हुआ था.
चार-पांच राउंड फायरिंग की गई. घटनास्थल के आसपास के CCTV खंगाले जा रहे हैं, कई ठिकानों पर छापेमारी चल रही है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. परिजन और इलाके के लोग दहशत में हैं.
गंगौर थाना क्षेत्र में बीजेपी नेता पर इतना बड़ा हमला पहली बार हुआ है. राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लग रही हैं, पर पुलिस अभी सिर्फ इतना बता पा रही है कि मामला गंभीर है और जल्द खुलासा करने की कोशिश की जा रही है. फिलहाल दिलीप कुमार पटना के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं.