नई दिल्ली: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda Saraswati) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को हिंदू धर्म से निष्कासित करने का ऐलान किया है. यह फैसला राहुल गांधी के मनुस्मृति (Manusmriti) को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद लिया गया. शंकराचार्य ने राहुल पर हिंदू धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि हिंदू समुदाय को उनका बहिष्कार करना चाहिए. यह घोषणा 4 मई 2025 को बद्रीनाथ में शंकराचार्य आश्रम में की गई.
मनुस्मृति पर राहुल गांधी का बयान
पिछले साल दिसंबर 2024 में संसद में एक भाषण के दौरान राहुल गांधी ने मनुस्मृति को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि मनुस्मृति "बलात्कारियों को संरक्षण देती है." इस बयान ने हिंदू समुदाय के बीच भारी विवाद खड़ा कर दिया, क्योंकि मनुस्मृति को हिंदू धर्म का एक पवित्र ग्रंथ माना जाता है. राहुल ने अपने भाषण में सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए यह भी कहा था कि "मैं आपकी मनुस्मृति को नहीं मानता." शंकराचार्य ने इसे हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक बताया और कहा कि जो व्यक्ति मनुस्मृति को अपना ग्रंथ नहीं मानता, वह हिंदू नहीं हो सकता.
शंकराचार्य ने मांगा था स्पष्टीकरण
राहुल गांधी के बयान के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उनसे अपने बयान पर स्पष्टीकरण मांगा था. उन्होंने राहुल को तीन महीने का समय दिया था कि वे अपने बयान की स्थिति साफ करें या माफी मांगें. शंकराचार्य के अनुसार, इस दौरान एक रिमाइंडर भी भेजा गया, लेकिन राहुल गांधी ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद शंकराचार्य ने यह कड़ा कदम उठाया और राहुल को हिंदू धर्म से निष्कासित करने की घोषणा की.
धर्म संसद में भी हुआ था राहुल विरोध
इससे पहले फरवरी 2025 में प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान शंकराचार्य की अध्यक्षता में हुई धर्म संसद में भी राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा की गई थी. धर्म संसद ने एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें राहुल को एक महीने के भीतर अपने बयान पर सफाई देने या माफी मांगने को कहा गया था. उस समय भी राहुल ने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद शंकराचार्य ने निष्कासन का फैसला लिया.
सनातन धर्म के अपमान का आरोप
बद्रीनाथ में पत्रकारों से बात करते हुए शंकराचार्य ने कहा, "राहुल गांधी ने मनुस्मृति के खिलाफ बोलकर सनातन धर्म का अपमान किया है. हमने उनसे तीन महीने तक जवाब मांगा, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया. इसलिए हमने फैसला लिया कि उन्हें हिंदू धर्म से निष्कासित किया जाए." उन्होंने यह भी कहा कि राहुल को मंदिरों में प्रवेश से रोका जाए और पुजारी उनके लिए पूजा न करें. शंकराचार्य ने हिंदू समुदाय से अपील की कि वे राहुल गांधी का बहिष्कार करें.
राहुल गांधी ने अभी तक प्रतिक्रिया नहीं दी
राहुल गांधी ने अभी तक इस निष्कासन की घोषणा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, उनके समर्थकों का कहना है कि राहुल का बयान सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर निशाना साधने के लिए था, न कि हिंदू धर्म या मनुस्मृति के खिलाफ. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. उधर मीडिया में राहुल गांधी पर हुई इस कार्रवाई को जोरशोर उसे उठाया जा रहा है.
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