कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की करारी चुनावी हार के बाद पार्टी में टूट का सिलसिला जारी है, लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी का साथ न छोड़ने का फैसला कर सभी को चौंका दिया है. आसनसोल सांसद ने साफ कहा कि मुसीबत के समय ममता ने उनका साथ दिया था, इसलिए अब दुख की इस घड़ी में वे उनका साथ नहीं छोड़ेंगे.
शत्रुघ्न सिन्हा ने एक इंटरव्यू में कहा, “मुश्किल समय में ममता बनर्जी मेरे साथ खड़ी रहीं. इसलिए दुख की इस घड़ी में मैं उनका साथ नहीं छोड़ूंगा. टीएमसी और ममता बनर्जी के साथ खड़ा रहना मेरा कर्तव्य है.”
2019 का बदला चुकाने का इरादा
सिन्हा ने याद दिलाया कि 2019 लोकसभा चुनाव में पटना साहिब से हारने के बाद ममता बनर्जी ही एकमात्र नेता थीं, जिन्होंने उनका साथ दिया. उन्होंने उन्हें आसनसोल से टिकट दिया और लोकसभा पहुंचाया. अब उसी का बदला चुकाने का वक्त है. बागी सांसदों की सूची में उनका नाम आने की खबरों को उन्होंने पूरी तरह झूठा बताया.
टीएमसी में जारी उथल-पुथल
बता दें कि विधानसभा चुनाव हार के बाद टीएमसी में भारी फूट पड़ गई है. विधानसभा में 64 विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना लिया. लोकसभा-राज्यसभा में काकोली घोष, सायोनी घोष, यूसुफ पठान, प्रसून बनर्जी समेत करीब 20 सांसद बगावत पर उतर आए. राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने भी इस्तीफा दे दिया.