लखनऊ: इस कहानी में ऐसा क्या है जिसका अंदाजा लगा पाना UP पुलिस के बस का भी नहीं था. कई सिंघम IPS और कई दारोगा इस नूरी बाबा के पीछे क्यों पड़े थे? आख़िर बाबा ने ऐसा क्या किया था कि तलाश नेपाल से लेकर महाराष्ट्र तक होती है, फिर पता चलता है कि बाबा तो दिल्ली में है, उसके बाद बाबा का कनेक्शन प्रयागराज से मिलता है. आख़िरकार इसकी लोकेशन का पता चलता है और फिर इसकी गिरफ्तारी होती है, उसके बाद का सच ऐसा था कि सीधे इसकी जानकारी ATS के चीफ़ अमिताभ यश तक पहुंचाई गई.
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इसकी कुल पांच पत्नियां है. बड़ी दाढ़ी रखने वाले नूरी बाबा के कारनामे भी बड़े निकले. पुलिस ने खुलासा किया है कि नूरी बाबा का कनेक्शन पाकिस्तान से भी है, वो वहां की खुफिया एजेंसी ISI के साथ संपर्क में था. इसका प्लान बड़ा था. ये वही मदरसा है जो नूरी बाबा चलाता था. इस मदरसे की हालत देखिए...अंदाजा लगा पाना मुश्किल था कि यहां क्या होता था? ये कभी फकीर बनकर जकात यानि गरीबों के नाम पर चंदा मांगता. तो कभी रमजान महीने में मुंबई जाकर मस्जिद और मदरसा निर्माण के लिए वसूली करता.

फिर जब इसका मन नहीं भरा तो ये नकली नोट छापने की मशीन लगाता है. इसके आगे का कारनामा जानने से पहले समझिए आख़िर ये सब ये कर क्यों रहा था? इसका मंसूबा क्या था? कौन था इसके निशाने पर? और क्यों योगी की पुलिस इस केस को बाकी केस से अलग समझ रही है. सबसे पहले कि नूरी बाबा का कनेक्शन पश्चिम बंगाल से भी निकला है. पश्चिम बंगाल के जरिए ही ये पाकिस्तानी संगठन ISI और बांग्लादेश के कई संगठनों के संपर्क में आया. इस कहानी की शुरूआत होती है इस घर के साथ...नूरी बाबा UP के श्रावस्ती का रहने वाला है...उसने सबसे पहले अपना काम कबाड़ के धंधे से शुरू किया. घर के बाहर खड़ी दो ठेली इसकी गवाही देती है. इसके बाद इसने धर्म का रास्ता चुना. और मदरसा खोलने की तैयारी करता है.

मदरसे के नाम पर मोटा चंदा भी इकट्ठा करता है और फिर सारा खेल इसी मदरसे के भीतर ही रचा जाता है. नूरी बाबा को जब पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसके पास से कई ऊर्जावर्धक दवाइयां मिली. वहां पुलिस पहुंची तो वो भी हैरान हो गई. इसकी पांच पत्नियां हैं. जिसमें से एक पत्नी मदरसा संभालती थी. आम तौर पर मदरसे में महिलाएं नहीं होती है. पुलिस को हैरानी तब हुई जब इसके पास से नोट छापने की मशीन तक मिली. उसके बाद इसके चार और साथियों की जानकारी मिली. UP पुलिस ने महाराष्ट्र, नेपाल के साथ कई राज्यों में इसकी कुंडली खंगाली. उसके बाद जो सच आया वो सुनिए. मुबारक अली उर्फ नूरी बाबा को पुलिस ने सूरी बना दिया. मदरसें की दीवार पर भी आपत्तीजनक बातें लिखी गई थी.

उसकी पत्नी मदरसे के अंदर दवाखाना के नाम पर कई कांड में शामिल थी. नोट छापने का मकसद था. धर्म के नाम पर नौजवानों को जोड़ना और उसके बाद उनका कनेक्शन पाकिस्तान के साथ जोड़ना. पाकिस्तान के इशारे पर ये UP में किसी बड़ी तैयारी में जुटा था. मदरसे की आड़ में कई सालों से ये कारनामा कर रहा था. साल 2017 में इसकी शिकायत हुई थी. दावा किया गया था कि ये सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का झंडा लगाता है. UP के कई ज़िलों में इसके नाम पर पहले से ही FIR थी. सबसे चौंकाने वाला खुलासा ये था कि ये श्रावस्ती के हिन्दू लड़कियों को भी मदरसे में बुलाता था...क्योंकि ये और इसकी पत्नी झाड़-फूंक के नाम पर कुछ अजीब करते थे...

मदरसे में आने वाले कईयों को शक हुआ था. जिसकी शिकायत भी की गई थी. पिछले कई महीने से up पुलिस इसकी जांच कर रही थी. जब सारे सबूत जुटा लिए गए तो छामेमारी होती है. नूरी बाबा को अब सूली पर चढ़ाने की तैयारी है. इसकी बाकी बुर्के वाली पत्नियां कहां हैं, इसकी तलाश जारी है. इसके फोन से पाकिस्तानी संगठने के साथ बातचीत के सबूत मिले है. up में हर रोज़ कोई ना कोई मौलाना या बाबा पकड़ा जाता है. नूरी बाबा का मंसूबा ख़तरनाक था. वो अपनी ही तरह कईयों को ट्रेंड कर रहा था. उसका मकसद क्या था ये पूछताछ का हिस्सा है. पर नाम न छापने की शर्त पर श्रावस्ती पुलिस के एक सीनियर अफसर कहते हैं...नोट छापना और दवाई का खेल करना तो एक बहाना था. मदरसे में असल में योगी को मिटाने का प्लान बन रहा था...अब ये जेल में है. इसका इलाज बाबा की पुलिस करेगी...नूरी बाबा का कारनामा सुनकर किसी को यक़ीन नहीं होगा. एक मौलाना मदरसे के नाम पर कितना बड़ा खेल रच रहा था?