नबी पर अंठ संठ बकने वाली शर्मिष्ठा पनोली को जमानत तो मिल गई, लेकिन पिता ने ही सुना दिया!

Amanat Ansari 05 Jun 2025 11:48: PM 2 Mins
नबी पर अंठ संठ बकने वाली शर्मिष्ठा पनोली को जमानत तो मिल गई, लेकिन पिता ने ही सुना दिया!

नई दिल्ली: कोलकाता हाई कोर्ट ने गुरुवार को 22 वर्षीय लॉ स्टूडेंट और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर शर्मिष्ठा पनोली को अंतरिम जमानत दे दी. शर्मिष्ठा को 30 मई को गुरुग्राम के एक होटल से कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उन पर "ऑपरेशन सिंदूर" से जुड़े एक वीडियो में कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप था. जमानत मिलने के बाद उनके पिता, पृथ्वीराज पनोली, ने भावुक होकर कहा कि कोई भी पिता अपनी बेटी को जेल में नहीं देखना चाहता. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि परिवार को शर्मिष्ठा के कुछ वीडियो पसंद नहीं थे और उन्होंने उसे वह विवादित वीडियो हटाने के लिए कहा था. पृथ्वीराज ने कहा, "यह उनके लिए एक सबक होगा. अब वह बेहतर करेगी."

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शर्मिष्ठा पर आरोप था कि उनके एक वीडियो, जो "ऑपरेशन सिंदूर" से संबंधित था, में सांप्रदायिक टिप्पणियां थीं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद 15 मई को कोलकाता के गार्डन रीच पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. शर्मिष्ठा ने वीडियो हटा दिया और सार्वजनिक माफी मांगी, लेकिन फिर भी उनकी गिरफ्तारी हुई. कोलकाता पुलिस ने उन्हें गुरुग्राम से हिरासत में लिया. इस मामले ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी, और #ArrestSharmishta ट्रेंड करने लगा.

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पृथ्वीराज पनोली ने बताया कि शर्मिष्ठा को किडनी की समस्या और अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) है, जिसके लिए उन्हें नियमित दवाएं लेनी पड़ती हैं. लेकिन जेल में प्रिस्क्रिप्शन न होने के कारण उन्हें दवाएँ नहीं दी जा सकीं. उन्होंने कहा, "हम बहुत खुश हैं कि उसे जमानत मिल गई. कोई पिता अपनी बेटी को जेल में नहीं देखना चाहता." उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शर्मिष्ठा कुछ वीडियो उन्हें दिखाती थी, लेकिन कुछ वीडियो परिवार को पसंद नहीं थे. उन्होंने कहा, "हमने कुछ वीडियो डिलीट करवाए थे. उस विवादित वीडियो को भी हमने हटाने के लिए कहा था."

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कोलकाता हाई कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि शिकायत में कोई संज्ञेय अपराध (cognizable offence) नहीं दिखता. जमानत की शर्तों में शर्मिष्ठा को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा, जांच में सहयोग करना होगा और 10,000 रुपये का निजी मुचलका देना होगा. इसके अलावा, वीडियो के वायरल होने के बाद मिल रही धमकियों को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 5 जून को होनी है, और कोर्ट ने सभी FIR को एक मामले में समेकित करने का निर्देश दिया है.

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इस गिरफ्तारी ने राजनीतिक विवाद भी खड़ा किया. BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने इसे "पुलिस की अतिउत्साहिता" और "पुलिस अत्याचार" का मामला बताया. उन्होंने दावा किया कि शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी, क्योंकि उन्हें कोई पूर्व नोटिस नहीं दिया गया. इस मामले ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन पर बहस को और तेज कर दिया है. यह मामला सोशल मीडिया के प्रभाव और जिम्मेदारी पर सवाल उठाता है. शर्मिष्ठा जैसे युवा इन्फ्लूएंसर्स के लिए यह एक सबक है कि ऑनलाइन सामग्री साझा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. उनके पिता का बयान दर्शाता है कि परिवार भी उनकी कुछ पोस्ट्स से सहमत नहीं था. 

Social media influencer Sharmistha Panoli Controversial comment on Nabi Prithviraj Panoli

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