अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में सिखों के पवित्र तीर्थस्थल स्वर्ण मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में हरियाणा के फरीदाबाद से 24 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुभम दुबे को हिरासत में लिया गया है. अमृतसर पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी, जिसके बाद इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है.
मामले का विवरण शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) को 14 जुलाई से शुरू होकर लगातार कई दिनों तक स्वर्ण मंदिर को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए. एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि कुल छह ई-मेल प्राप्त हुए, जिनमें से कुछ में तमिलनाडु और वहां के राजनीतिक मुद्दों का जिक्र था. इन धमकियों ने न केवल स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई, बल्कि पूरे पंजाब में दहशत का माहौल पैदा कर दिया.
हिरासत और जांच अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुभम दुबे, जो बीटेक डिग्री धारक है और कई आईटी कंपनियों में काम कर चुका है, को पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सहयोग से फरीदाबाद से हिरासत में लिया गया. दुबे का लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. भुल्लर ने स्पष्ट किया कि शुभम का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, और उसे अभी औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया है, केवल पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमकी भरे ई-मेल में तमिलनाडु के मुद्दों, विशेष रूप से डीएमके और अन्ना विश्वविद्यालय से संबंधित उल्लेख थे, जिसके कारण जांच में दक्षिणी राज्यों से कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है. साइबर विशेषज्ञ वीपीएन और डार्क वेब के उपयोग की जांच कर रहे हैं, क्योंकि संदिग्ध ने अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्नत तकनीकों का सहारा लिया हो सकता है.
नई धमकी ने बढ़ाई चिंता शुभम दुबे की हिरासत के बाद भी शनिवार को स्वर्ण मंदिर को एक और धमकी भरा ई-मेल मिला, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. यह छह दिनों में सातवीं धमकी थी. पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने बताया कि जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी अब भी फरार हो सकता है, और शुभम की भूमिका अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है. सुरक्षा एजेंसियों ने स्वर्ण मंदिर और आसपास के क्षेत्र में बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों, और स्वाट टीम को तैनात किया है, लेकिन अभी तक कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली.
सामुदायिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सवाल उठाया कि क्या ये धमकियां किसी शरारत का हिस्सा हैं या किसी बड़ी साजिश का संकेत. उन्होंने सरकार से मामले की गहन जांच और स्वर्ण मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि इन धमकियों ने सिख समुदाय और पंजाब के शांतिप्रिय लोगों में चिंता पैदा की है. शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी इसे गंभीर मामला बताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की.
आगे की जांच पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह धमकी एक व्यक्तिगत शरारत थी, मानसिक अस्थिरता का परिणाम, या किसी संगठित नेटवर्क की साजिश. शुभम दुबे की साइकोलॉजिकल प्रोफाइलिंग भी की जा रही है. अमृतसर पुलिस ने स्वर्ण मंदिर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है, और डीसीपी स्तर के अधिकारी सीधे निगरानी कर रहे हैं.