नई दिल्ली: क्लाइमेट एक्टिविस्ट और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब 21वें दिन पहुंच गई है. पत्नी गीतांजलि जे आंगमो की भावुक अपील को ठुकराने के महज एक दिन बाद दिल्ली पुलिस ने उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया. जंतर मंतर पर चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन में शामिल वांगचुक 28 जून से केवल नमक और पानी पर निर्भर थे. इस दौरान उन्होंने 9 किलो से ज्यादा वजन गंवा लिया.
दिल्ली की गर्मी और नमी ने उनकी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया था. पत्नी गीतांजलि ने शुक्रवार को उनसे मुलाकात कर हड़ताल समाप्त करने की अपील की, लेकिन वांगचुक अडिग रहे. उन्होंने कहा, "यह मेरा रास्ता और मेरा संकल्प है." गीतांजलि ने बाद में मीडिया से कहा कि देशभर से लोगों का दबाव है कि सोनम हड़ताल खत्म करें और दूसरे तरीकों से लड़ाई जारी रखें.
उन्होंने यह भी बताया कि लद्दाख की ठंडी जलवायु में लंबे उपवास आसान होते हैं, लेकिन दिल्ली की गर्मी में 20 दिन लद्दाख के 40 दिनों के बराबर हैं. वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET-UG पेपर लीक जैसे घोटालों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं. वे संघ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
शुक्रवार को समर्थकों से उन्होंने कहा था, "बाहर से मैं कमजोर हो गया हूं, लेकिन अंदर से मजबूत हूं." उन्होंने संसद मार्च का आह्वान भी किया और मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर वे मर भी गए तो उनका 'भूत' भी मार्च में शामिल होगा. दिल्ली पुलिस ने शनिवार को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं के बीच उन्हें अस्पताल शिफ्ट कर दिया.
आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार अब भी उनकी मांगों पर कोई संवाद नहीं कर रही है, जबकि विपक्ष और नागरिक समाज सरकार से बातचीत की अपील कर रहा है. यह आंदोलन शिक्षा सुधार, परीक्षा पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर तेजी से राष्ट्रव्यापी समर्थन हासिल कर रहा है. सोनम वांगचुक की सेहत पर अब पूरी नजर है.