नई दिल्ली: पार्श्व गायक सोनू निगम ने बेंगलुरु से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के उस बयान पर सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र, खासकर बैंकों में काम करने वाले कर्मचारियों से स्थानीय भाषा सीखने की बात कही थी. यह विवाद तब शुरू हुआ जब बेंगलुरु में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की एक शाखा के मैनेजर ने कन्नड़ में बात करने से इनकार कर दिया था. इस घटना ने भाषा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है.

सोनू निगम ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लिया और तेजस्वी सूर्या को टैग करते हुए दो पोस्ट किए. अपनी पहली पोस्ट में, जो हिंदी में थी, सोनू ने तेजस्वी सूर्या के तर्क पर तंज कसते हुए लिखा, "कर्नाटक में सॉफ्टवेयर कंपनियों में भी कन्नड़ भाषा को अनिवार्य करना चाहिए. अगर अमेरिकी क्लाइंट कर्नाटक में अपने प्रोजेक्ट करवाना चाहते हैं, तो उन्हें भी कन्नड़ बोलनी चाहिए. इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए. ठीक है ना, श्रीमान तेजस्वी सूर्या जी?" इस पोस्ट में सोनू ने सूर्या के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कर्नाटक में बैंकों को ग्राहकों की सुविधा के लिए कन्नड़ में बात करनी चाहिए.
दरअसल, तेजस्वी सूर्या ने उस वायरल वीडियो को साझा किया था, जिसमें एसबीआई के शाखा प्रबंधक और एक ग्राहक के बीच बहस हो रही थी. सूर्या ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि कर्नाटक में ग्राहकों से सीधे संवाद करने वाले कर्मचारियों, खासकर बैंक कर्मचारियों को स्थानीय भाषा में बात करनी चाहिए. उन्होंने लिखा, "कर्नाटक में बैंकिंग जैसे क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ग्राहकों से उनकी भाषा में बात करना जरूरी है. इस तरह की जिद ठीक नहीं है. कर्नाटक में काम करने वाले बैंकों को ग्राहकों की सेवा कन्नड़ में करनी चाहिए."

सोनू निगम ने अपनी दूसरी पोस्ट में तेजस्वी सूर्या पर और तीखा हमला बोला. उन्होंने तंज भरे लहजे में लिखा, "कन्नड़ फिल्मों को हिंदी में डब न करें! कन्नड़ फिल्मों को पूरे भारत में रिलीज न करें! क्या आपके पास इतनी हिम्मत है कि आप कन्नड़ फिल्म स्टार्स से यह कह सकें, श्रीमान तेजस्वी सूर्या, या आप सिर्फ एक और भाषा योद्धा हैं?" इस पोस्ट के जरिए सोनू ने सूर्या पर भाषा के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया.
यह विवाद तब और गहरा गया जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एसबीआई मैनेजर के व्यवहार की निंदा करते हुए कहा, "इस मामले को बंद नहीं माना जाना चाहिए. ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए. सभी बैंक कर्मचारियों को ग्राहकों के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए और स्थानीय भाषा में बात करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए."
इस बीच, सोनू निगम का यह बयान उस समय आया जब उन्हें कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बेंगलुरु में एक कॉन्सर्ट के दौरान उनके कथित आपत्तिजनक व्यवहार के कारण प्रतिबंधित कर दिया था. कॉन्सर्ट में सोनू ने प्रशंसकों की बार-बार की मांग को पहलगाम हमले से जोड़कर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसके बाद, हालांकि सोनू ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी थी, लेकिन उनकी आगामी कन्नड़ फिल्म 'कुलदल्ली कील्यावुदी' का गाना हटा दिया गया.
इस पूरे प्रकरण ने कर्नाटक में भाषा और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है. एक तरफ जहां तेजस्वी सूर्या ने स्थानीय भाषा के सम्मान की बात की, वहीं सोनू निगम ने उनके तर्क को अतार्किक बताते हुए इसे भाषाई कट्टरता से जोड़ा. यह विवाद न केवल भाषा, बल्कि सांस्कृतिक और क्षेत्रीय पहचान के सवालों को भी उठाता है, जो भारत जैसे बहुभाषी देश में हमेशा से संवेदनशील रहा है.