नई दिल्ली: अयोध्या जिले के भदरसा इलाके में नाबालिग बच्ची से हुए दुष्कर्म मामले में पॉक्सो कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता मोईद अहमद खान को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है, जबकि उनके नौकर राजू खान को दोषी ठहराया गया है.
यह पूरा मामला जुलाई 2024 में सामने आया था, जब एक 12 वर्षीय लड़की की गर्भावस्था का पता चला. पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि भदरसा नगर के पूर्व अध्यक्ष मोईद खान (जो उस समय सपा से जुड़े थे) और उनकी बेकरी में काम करने वाले राजू खान ने बच्ची को बेकरी में बुलाकर उसके साथ बलात्कार किया. आरोप था कि घटना का वीडियो बनाया गया और ब्लैकमेल कर कई महीनों तक बार-बार दुष्कर्म किया गया.
पुलिस ने 30 जुलाई 2024 को दोनों को गिरफ्तार किया. इसके बाद प्रशासन ने मोईद खान की बेकरी सील की और उनकी कुछ अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया. मामले में आईपीसी की धारा 376डीए (16 वर्ष से कम उम्र की लड़की से गैंगरेप), पॉक्सो एक्ट और ब्लैकमेलिंग संबंधी धाराएं लगाई गईं.
जांच में क्या-क्या मिले?
कोर्ट की कार्रवाई
बुधवार को अयोध्या की पॉक्सो फर्स्ट कोर्ट (जज निरुपमा विक्रम) ने फैसला सुनाया. दोनों आरोपी जेल से पेश किए गए थे. राजू खान को दोषसिद्धि के बाद वापस जेल भेज दिया गया. मोईद खान को रिहा किया गया. सजा का ऐलान 29 जनवरी को होने की संभावना है. यह मामला काफी चर्चित रहा, क्योंकि इसमें राजनीतिक कनेक्शन और बुलडोजर एक्शन शामिल थे. जांच के दौरान मोईद खान पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया था, लेकिन अंतिम फैसले में डीएनए रिपोर्ट निर्णायक साबित हुई. पुलिस और कोर्ट की जांच जारी है, लेकिन अब मुख्य फोकस राजू खान की सजा पर है.