नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल को लेकर आधिकारिक तौर पर अभी कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन अटकलों का दौर जोरों पर है. भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम के ऐलान के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं कि NDA जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल का ऐलान कर सकता है.
सूत्रों के अनुसार, इस संभावित फेरबदल में दो मंत्रियों की एंट्री लगभग पक्की नजर आ रही है. हाल ही में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली आंदोलन के बाद इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद प्रल्हाद जोशी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके अलावा अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी इस्तीफा दे चुके हैं.
दोनों को हालिया राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाया गया था. दो अन्य केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है. पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया जा चुका है.
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने के कारण इन तीन राज्यों के और प्रतिनिधियों को मोदी मंत्रिपरिषद में जगह मिलने की संभावना है.
कुछ मंत्रियों को राज्यपाल पद की जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा है. अभी तक सत्तारूढ़ गठबंधन के किसी दल ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है. जुलाई में बड़े फैसले की अटकलें थीं, लेकिन अब इंतजार जारी है.