इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य टकराव अब वैश्विक आर्थिक संकट में तब्दील होने कगार पर पहुंच गया है। दुनिया की सबसे अहम समुद्री व्यापारिक लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। ईरान की शक्तिशाली सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि होर्मुज स्ट्रेट को अगली सूचना तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। IRGC ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में अपना सैन्य हस्तक्षेप पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
'अमेरिकी हस्तक्षेप बंद होने तक बंद रहेगा जलमार्ग'— IRGC
ईरानी सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' (Press TV) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, IRGC ने इस बंद को मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों और विदेशी ताकतों के 'अवैध दखल' के खिलाफ एक आवश्यक कदम बताया है। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने दो टूक शब्दों में कहा, "होर्मुज स्ट्रेट अगली सूचना तक पूरी तरह ब्लॉक रहेगा। जब तक अमेरिका पश्चिम एशिया से अपना हस्तक्षेप समाप्त नहीं करता, तब तक किसी भी अंतरराष्ट्रीय या व्यापारिक जहाज को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।" ईरान के इस फैसले से वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) और अंतरराष्ट्रीय व्यापार ठप होने की आशंका बढ़ गई है, क्योंकि दुनिया का एक-तिहाई तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
अमेरिका ने शुरू किया तीसरे दौर का हमला, कंटेनर जहाज पर हुआ था प्रहार
दूसरी तरफ, ईरान के इस कदम के बाद अमेरिकी सेना भी पूरी तरह आक्रामक हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के खिलाफ इस सप्ताह के तीसरे दौर के भीषण सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं। CENTCOM के मुताबिक, अमेरिका की यह ताजा कार्रवाई IRGC द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के ध्वज वाले एक कंटेनर जहाज 'M/V GFS Galaxy' पर किए गए हमले के जवाब में है। वाशिंगटन ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
बारूद के ढेर पर मिडिल ईस्ट, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा
इस ताजा सैन्य टकराव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से दुनिया भर के बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड लगातार ईरान के मिसाइल लॉन्च पैड्स और IRGC के ठिकानों को निशाना बना रही है, तो वहीं ईरान अपने अल्टीमेटम पर अड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रम्प प्रशासन और ईरानी नेतृत्व के बीच अगले 48 घंटों में इस गतिरोध को नहीं सुलझाया गया, तो यह टकराव एक पूर्ण वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका सीधा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा।