गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मदरसों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा. सरकार का मकसद सभी मदरसों का सही डाटा तैयार करना, उनकी मौजूदा स्थिति का आकलन करना और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई करना है. जिले में फिलहाल 228 मान्यता प्राप्त और 139 बिना मान्यता वाले मदरसे संचालित हैं. वर्ष 2022 के बाद अब तक कोई सर्वे नहीं हुआ था. इसलिए विभाग ने नए सर्वे का फैसला लिया है.
क्या-क्या जांच होगी?
सर्वे के दौरान यदि कोई गंभीर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित मदरसे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जिले में एक भी अनुदानित मदरसा नहीं है. सभी मान्यता प्राप्त मदरसे स्वयं के संसाधनों या अन्य स्रोतों से चल रहे हैं.
सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी.
बिना मान्यता वाले मदरसों पर विशेष नजर रखी जा रही है. कार्यवाहक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता लाना और जिले के मदरसों की सही स्थिति जानना है.
यह सर्वे सुशासन और नियमितता की दिशा में योगी सरकार का एक और सख्त कदम माना जा रहा है. सर्वे जल्द शुरू होने वाला है और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी. सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा.