नई दिल्ली: मुस्लिम बहुल देश तजाकिस्तान ने एक बार फिर से कट्टर पंथ को करारा जवाब दिया है और महिलाओं के लिए बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, तजाकिस्तान महिलाओं की पहनावे पर गाइडलाइन वाली एक नहीं किताब प्रकाशित करने वाला है, जिसमें बुर्का, हिजाब, नकाब या पर्दे जैसी किसी भी पोषाक को बैन किया गया है. किताब के माध्य में से बताया जाएगा कि महिलाओं को उम्र के हिसाब से और विभिन्न मौके पर किस प्रकार के कपड़े पहनने हैं.
बताते चलें कि अधिकतर मुस्लिम देश महिलाओं को पर्दे में रहने की पैरवी करता, लेकिन तजाकिस्तान एक ऐसा मुस्लिम राष्ट्र है जो कट्टरपंथी विचारधारा को नहीं मानता है. और एक के बाद उदार निर्णय ले रहा है. हाल में ताजाकिस्तान ने हिजाब, नकाब और बुर्के पर प्रतिबंध लगा दिया था. साथ ही पुरुषों के दाढ़ी बढ़ाने पर भी प्रतिबंध की घोषणा की थी. हालांकि ताजाकिस्तान पारंपरिक ताजिक पोशाक का समर्थन जरूर करता है. लेकिन विदेशी संस्कृति वाले कपड़ों पर बैन लगाया हुआ है. ताजिकिस्तान में आम तौर पर महिलाओं के लिए पारंपरिक पोशाक में ढीले-ढाले पतलून के ऊपर पहनी जाने वाली रंगीन कढ़ाई वाली लंबी आस्तीन वाली ड्रेस शामिल होती हैं. इन कपड़ों को पहनने पर कोई रोक नहीं है.
ताजिकिस्तान के संस्कृति मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से जानकारी मिली है कि सरकार लड़कियों और महिलाओं के लिए राष्ट्रीय पोशाक की सिफारिशें की हैं, जिसे जुलाई में एक पुस्तक में छपवाकर प्रकासित किया जाएगा. संस्कृति मंत्रालय का कहना है कि ये पोषाक हमारे पूर्वजों से हमें मिला है और सदियों से इसकी सुंदरता बरकरार है. तजाकिस्तान का मानना है कि हिजाब, दाढ़ी बढ़ाना कट्टरपंथी सोच है.
किताब के माध्यम से बताया जाएगा कि महिलाओं को उम्र के अनुसार क्या पहनना चाहिए. साथ ही यह भी बताया जाएगा कि घर, सिनेमा हॉल और किसी भी तरह के समारोहों में क्या पहनना चाहिए. बता दें कि ताजिकिस्तान ने पहले भी महिलाओं के ड्रेस कोड को लेकर इसी तरह की किताबें प्रकाशित की हैं, जिसमें सार्वजनिक जीवन में इस्लामिक पोषाक को प्रतिबंधित किया गया है. साथ ही पुरुषों के दाढ़ी रखने पर भी बैन लगाया गया है.