Kathua Terror Attack: जम्मू-कश्मीर में क्यों बौखलाए आतंकी, 'धरती के जन्नत' को क्यों बना रहे 'जहन्नुम'

Global Bharat 09 Jul 2024 10:11: AM 3 Mins
Kathua Terror Attack: जम्मू-कश्मीर में क्यों बौखलाए आतंकी, 'धरती के जन्नत' को क्यों बना रहे 'जहन्नुम'

अमानत अंसारी

जम्मू-कश्मीर में 9 जून को श्रद्धालुयों से भरी बस पर फायरिंग के बाद आतंकियों ने अबतक कई वारदातों को अंजाम दे दिया है. इन हमलों में न सिर्फ कई आतंकी मारे गए हैं, बल्कि हमारे कई जवानों को भी शहीद भी होना पड़ा है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जम्मू-कश्मीर में इतने आतंकी घटनाओं की वजह क्या है. क्या पाकिस्तान की सह पर आतंकी जम्मू-कश्मीर को सुलगाए रखना चाहता है या वजह कुछ और है?

जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में बढ़े आतंकी घटनाओं से पूरा देश गमगीन है और चिंतित है, क्योंकि इन घटनाओं में आतंकियों ने जिस प्रकार का टैक्टिस अपनाया है, वह पहले से बिल्कुल अलग है. इन हमलों में देखा जा रहा है कि दहशतगर्द अब स्थानीय नागरिकों को भी निशाना बनाने से नहीं चुक रहा है, और तो और घाटी को छोड़कर अब आतंकी जम्मू संभाग को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जो न सिर्फ केंद्र सरकार के लिए चिंता का सबब है, बल्कि संभाग के लोगों को भी चिंता में डाल रहा है.

ताजा घटना जम्मू कश्मीर के कठुआ की है, जहां दहशतगर्दों ने भारतीय सेना के काफिले पर अंधाधुंद फारिंग कर दी. इस हमले में अबतक 5 जवान शहीद हुए हैं और इतने ही घायल हुए हैं. जानकार दावा करते हैं कि आतंकी उनके खिलाफ हो रही कार्रवाई से बौखलाया हुआ है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही उनके 6 साथी मारे गए थे और भारी मात्रा में गोला बारुद बरामद किया गया था.

इसी के साथ जम्मू-कश्मीर में यह भी देखा जा रहा है कि आतंकियों ने अब नए टैक्टिस को अपनाना शुरू कर दिया है, जिसका खुलासा रविवार-सोमवार को भारतीय सेना ने किया था. दरअसल, आतंकी ने यहां हमास से प्ररित होकर घरों में बंकर बनाना शुरू कर दिया है. गनीमत रही कि दहशतगर्द इसका सहारा लेकर कोई बड़ी वारदात को अंजाम देता उससे पहले ही सेना ने बंकर को ढूंढ़ निकाला.

हाल के दिनों में बढ़ रहे अतंकी घटनाओं की कई वजहें हो सकती है. जानकार मानते हैं कि जिस प्रकार से जम्मू-कश्मीर में शांति आई है, वह पाकिस्तान को रास नहीं आ रहा है. साथ ही लोकसभा चुनाव 2024 में वोटिंग ने जिस प्रकार से रिकॉर्ड बना दिया, वह आतंकियों के सिर का दर्द बन गया है. अब दहशतगर्दों को लगने लगा है कि उनके दिन लदने वाले हैं, क्योंकि यहां लोग अब भारतीय लोकतंत्र में विश्वास करने लगे हैं. उन्हें लगने लगा है कि अगर उनका कोई सच्चा हितेषी है तो वह भारत की सरकार है और भारत की सरकार के साथ मिलकर यहां अमन-चैन कायम किया जा सकता है.

हालांकि चुनाव में आतंक समर्थक शेख अब्दुल राशिद को भी जीत मिली है, लेकिन अन्य सीटों पर घाटी की जनता ने बता दिया है कि लोकतंत्र के रास्ते पर चलकर ही उन्हें उनका हक मिल पाएगा. साथ ही सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं, जिसे देखते हुए पाकिस्तान दहशतगर्दों को सह दे रहा है ताकि राज्य में चुनाव नहीं हो पाए और वह दुनिया को दिखा सके कि देखिए जम्मू-कश्मीर में क्या हो रहा है, जिसे भारत अपना अभिन्न हिस्सा कहता है.

इन तमाम वजहों के बीच एक और वजह है जो काफी महत्वपूर्ण है और वह है भारत में गठबंधन की सरकार. पाकिस्तान को लग रहा है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं है, इसलिए जम्मू-कश्मीर में हमलों को और बढ़ाया जा सकता है, ताकि भारत उससे बात करने पर मजबूर हो जाए और वह अपनी बात मनवा ले. लेकिन बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत में गठबंधन की सरकार जरूर है, लेकिन वह पाकिस्तान के आगे झुकने वाले नहीं है.

इसी बीच कठुआ हमले के बाद बीजेपी की ओर से पाकिस्तान और दहशतगर्दों को कड़ी चेतावनी भी दी गई है कि किसी भी स्थिति के लिए भारत सरकार तैयार है. जम्मू-कश्मीर के बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र रैना ने जवानों पर हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सख्त लहजे में कहा है कि आतंकियों को इसकी कीमत चुकानी होगी. बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा है कि कायर पाकिस्तानी आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में कायरतापूर्ण हमला किया है और कठुआ के माचेड़ी इलाके में सेना के एक वाहन को निशाना बनाया है. अतंकियों को इसकी सजा जरूर मिलेगी.

वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कविंदर गुप्ता ने आतंकियों की निंदा करते हुए कहा है कि दहशतगर्दों ने एक बार फिर कायराना हमले को अंजाम दिया है. उन्होंने कहा कि सेना के जवानों ने यहां शांति के लिए बहुत सारे प्रयास किए हैं, फिर भी अगर यहां आतंकी घटनाएं होती है तो यह दुखी करने वाला है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान जानता है कि भारत से सीधी लड़ाई कभी नहीं जीत पाएगा, इसलिए आतंकियों को भेजता है, लेकिन इन कायरों को बख्शा नहीं जाएगा.

Recent News