नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में 2019 में एक विधवा महिला के साथ गैंगरेप और हत्या के मामले में 6 साल बाद मंगलवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने आरोपियों की पहचान अनिल तिवारी और उसके साथियों राकेश सरोज और शीतला सरोज के रूप में की है. मुख्य आरोपी ने पहले पीड़िता के साथ दोस्ती की, फिर उसके खाते से लाखों रुपए निकाल लिए. जब पीड़िता ने उससे पैसों की मांग की तो वे बहाना बनाने लगे और एक दिन दोस्तों के साथ मिलकर सामूहिक बालात्कार कर उसकी हत्या कर दी.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) दुर्गेश कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि 17 अगस्त 2019 को कंधई थाना क्षेत्र के एक गांव में गैंगरेप के बाद विधवा महिला की हत्या कर दी गई थी. पुलिस अधिकारी के अनुसार, सेना में रसोइया के तौर पर काम करने वाले महिला की पति की 2009 में मौत हो गई थी. जिसके बाद विधवा पत्नी को करीब 20 हजार रुपए पेंशन के तौर पर मिलते थे.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इसी बीच गांव में मेडिकल स्टोर चलाने वाले अनिल तिवारी ने पहले पीड़िता के साथ गहरी दोस्ती की. फिर अनपढ़ होने का फायदा उठाकर उसके खाते से लाखों रुपए निकाल लिए. पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला जब भी पैसे मांगती थी, तो आरोपी अनिल तिवारी बाद में देने की बात कहकर टाल देता था. यह सिलसिला कई दिनों तक जारी रहा.
जब महिला ने पैसे नहीं लौटाने पर पुलिस से शिकायत करने की धमकी दी तो आरोपी ने उसे 17 अगस्त 2019 को बुलाया, जहां उसके दो दोस्त राकेश सरोज और शीतला सरोज पहले से मौजूद थे. तीनों ने मिलकर पहले महिला के साथ गैंगरेप किया फिर उसकी हत्या कर दी. दुर्गेश कुमार सिंह ने कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने तीनों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.