Former BJP MP Sukhbir Singh Jaunpuria: राजस्थान के टोंक जिले के करेड़ा बुजुर्ग गांव में हाल ही में एक कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया. पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने वहां जरूरतमंदों को कंबल बांटने के दौरान कुछ महिलाओं को उनके नाम पूछने के बाद अलग कर दिया और कंबल देने से मना कर दिया. वायरल वीडियो में उन्होंने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हैं या उन्हें गाली देते हैं, उन्हें ऐसी सहायता नहीं मिलनी चाहिए. कुछ मुस्लिम महिलाओं को पहले कंबल मिल चुके थे, लेकिन बाद में उन्हें वापस ले लिया गया.
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यह घटना रविवार को हुई और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. गांव वालों में इस व्यवहार से भारी रोष फैला. लोगों ने इसे धार्मिक भेदभाव बताया और कहा कि राहत सामग्री बांटते समय किसी का धर्म या राजनीतिक विचार नहीं देखा जाना चाहिए. ग्रामीणों ने एकजुट होकर फैसला किया कि वे सारे कंबल, मिठाई और अन्य चीजें वापस लौटा देंगे. उनका कहना था कि वे भले ही ठंड में परेशान रहें, लेकिन नफरत फैलाने वाली किसी भी मदद को स्वीकार नहीं करेंगे.
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इसके विरोध में गांव में नारे लगाए गए, पुतला जलाया गया और जौनपुरिया के खिलाफ आवाजें बुलंद हुईं. क्षेत्र के लोग, चाहे हिंदू हों या मुस्लिम, सबने एक साथ खड़े होकर भाईचारे का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि राजस्थान की पहचान सद्भाव और एकता से है, और ऐसी हरकतें इसे बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. जौनपुरिया ने सफाई देते हुए कहा कि यह उनका निजी कार्यक्रम था, सरकारी नहीं. उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग कार्यक्रम बिगाड़ने आए थे और जो पीएम मोदी के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें सहायता नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने अपनी बात पर अड़े रहने की बात कही.
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विपक्ष ने भी इसकी कड़ी निंदा की. कांग्रेस नेताओं और टोंक से सांसद नरेश मीणा ने इसे शर्मनाक बताया. मीणा ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति में सभी समुदायों का सम्मान होता है और ऐसी सोच वाले लोग यहां के नहीं हो सकते. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और पुतला जलाया. यह घटना अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है, जहां एक तरफ भेदभाव के आरोप हैं, तो दूसरी तरफ जौनपुरिया अपनी स्थिति पर कायम हैं. गांव वालों की एकता ने इसे एक बड़ा संदेश दे दिया है कि सामाजिक सद्भाव से ऊपर कुछ नहीं.