वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सलाहकार और व्हाइट हाउस के व्यापार एवं विनिर्माण सलाहकार पीटर नवारो ने भारत को लेकर फिर तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने दावा किया कि भारत ‘गुप्त ट्रांस-शिपमेंट नेटवर्क’ का हिस्सा है, जिसके जरिए चीनी सामानों को अमेरिकी टैरिफ से बचाया जा रहा है.
नवारो की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को हर साल 19 से 26 अरब डॉलर का टैरिफ राजस्व का नुकसान हो रहा है. चीन 40 से ज्यादा देशों के जरिए अपने निर्यात को वैध बना रहा है. इस नेटवर्क में भारत, मैक्सिको, कनाडा, यूरोपीय संघ, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे अमेरिका के बड़े व्यापारिक साझेदार शामिल हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन इन देशों में मामूली प्रोसेसिंग, री-लेबलिंग या री-पैकेजिंग करके सामान का मूल देश बदल देता है. नवारो ने चेतावनी देते हुए कहा कि भारत पूरी तरह से हमारे रडार स्क्रीन पर है. उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन के नए व्यापार ढांचे में ऐसे प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं, जिससे इन प्रथाओं में शामिल साझेदारों को दंडित किया जा सके.
रूसी तेल खरीद पर भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध के बाद भारत की रूसी तेल व्यापार में भागीदारी तेजी से बढ़ी है. प्रतिबंध विधेयक के तहत भारत समेत कुछ देशों को 100% तक टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है. पहले भी नवारो भारत को टैरिफ का महाराजा कह चुके हैं. आलोचनाओं पर उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर भारतीय यूजर्स उन पर भद्दे हमले किए.