वाशिंगटन: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमले का आदेश देने और हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान को और गहरा करने की प्रतिज्ञा करने के कुछ घंटों बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों को युद्ध की कगार से वापस खींचते हुए एक बड़ा ऐलान किया. उनके अनुसार, इजरायल और हिजबुल्लाह दोनों ने फिलहाल शत्रुता रोकने पर सहमति व्यक्त कर दी है.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ''मैंने इजरायल के प्रधानमंत्री बिबी नेतन्याहू के साथ बहुत ही फलदायी बातचीत की, और बेरूत की ओर कोई सैनिक नहीं जाएंगे.'' उन्होंने आगे कहा कि लेबनानी राजधानी की ओर बढ़ रही इजरायली सेनाएं पहले ही वापस मुड़ चुकी हैं. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि मध्यस्थों के माध्यम से हिजबुल्लाह ने गोलीबारी बंद करने पर सहमति जता दी है.
उन्होंने कहा, ''इसी तरह उच्च पदस्थ प्रतिनिधियों के माध्यम से मैंने हिजबुल्लाह के साथ बहुत अच्छी बातचीत की और उन्होंने सहमति जताई कि सभी गोलीबारी बंद हो जाएगी. इजरायल उन पर हमला नहीं करेगा और वे भी इजरायल पर हमला नहीं करेंगे. यह युद्धविराम कितना टिकाऊ साबित होगा, यह एक अलग सवाल है.
कई महीनों से लेबनान क्षेत्रीय शक्ति संघर्षों के बीच फंसा हुआ है. यह संघर्ष 2 मार्च को अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद शुरू हुआ था. इसके बाद धीरे-धीरे दक्षिणी लेबनान अस्थिरता की चपेट में आता गया. इजरायली चेतावनियों के बाद बेरूत के दक्षिणी उपनगरों से हजारों परिवार भाग गए. इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप का हस्तक्षेप काफी महत्वपूर्ण रहा.
इजरायली मीडिया ने रिपोर्ट किया कि बेरूत पर प्रस्तावित हमलों को अमेरिका के अनुरोध पर स्थगित कर दिया गया. यनेट के अनुसार, वाशिंगटन ने इजरायल से अनुरोध किया कि जब तक युद्धविराम की पहल आगे बढ़ रही है, तब तक हमला टाल दिया जाए. पहले की रिपोर्टों में कहा गया था कि इजरायल ने अपनी प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई अमेरिका के साथ समन्वय करके की थी.
बड़ी चुनौती बरकरार
युद्धविराम भले ही टिक जाए, लेकिन इससे मध्य पूर्व में संघर्ष को बढ़ावा देने वाले गहरे मुद्दों का समाधान नहीं होता. नेतन्याहू सरकार ने बार-बार कहा है कि इजरायल की उत्तरी सीमा के पास हिजबुल्लाह की सैन्य मौजूदगी स्वीकार्य नहीं है. वहीं हिजबुल्लाह खुद को ईरान समर्थित क्षेत्रीय प्रतिरोध आंदोलन का हिस्सा बताता रहा है. इस नवीनतम संकट का असर अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर भी पड़ा.
ईरानी मीडिया ने रिपोर्ट किया कि तेहरान ने लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाइयों के कारण वाशिंगटन के साथ शांति वार्ता स्थगित कर दी है. ईरान का कहना है कि लेबनान पर हमले युद्धविराम का उल्लंघन हैं. अभी तक ट्रंप ईरान वार्ता को लेकर मिश्रित संदेश दे रहे हैं. लेबनान-हिजबुल्लाह युद्धविराम की घोषणा से ठीक पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि उन्हें ईरान के फैसले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी.
रिपब्लिकन नेता ने यह भी कहा कि अगर ईरान के साथ बातचीत टूट भी जाए तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. वे इंतजार करने को तैयार हैं. हालांकि, कुछ मिनट बाद उन्होंने अपना रुख फिर बदल लिया. ट्रुथ सोशल पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बातचीत तेज गति से जारी है.''