नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चीन ईरान को हथियार भेजता है तो उसे "बड़ी मुसीबत" का सामना करना पड़ेगा. यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच दो हफ्ते पुराना नाजुक संघर्षविराम (सीजफायर) टूटने की आशंका बढ़ रही है. पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ''अगर चीन ऐसा करता है, तो चीन को बड़ी मुसीबत हो सकती है.'' हालांकि उन्होंने इस बारे में ज्यादा डिटेल नहीं दी.
यह चेतावनी CNN की एक रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें अमेरिकी खुफिया आकलन के हवाले से कहा गया है कि आने वाले हफ्तों में ईरान को नए चीनी एयर डिफेंस सिस्टम मिल सकते हैं. रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि बीजिंग इन हथियारों को तीसरे देशों के रास्ते भेज सकता है ताकि उनकी असली उत्पत्ति छिपाई जा सके.
यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी संघर्षविराम के बावजूद सामने आया है. दोनों पक्ष अभी भी इलाके में भारी सैन्य उपस्थिति बनाए हुए हैं. अमेरिकी युद्धपोत और सैनिक ईरान के आसपास तैनात हैं, जबकि तेहरान हाल के अमेरिकी और इजरायली हमलों में क्षतिग्रस्त हुए अपने एयर डिफेंस सिस्टम को जल्द से जल्द दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.
चीन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. वाशिंगटन में चीनी दूतावास ने एक बयान में कहा कि बीजिंग ने "संघर्ष में शामिल किसी भी पक्ष को कभी हथियार नहीं दिए" और अमेरिका से "बेबुनियाद आरोप" तथा "सनसनीखेज खबरें" फैलाना बंद करने की अपील की. ईरान को किसी भी तरह की चीनी सैन्य मदद को वाशिंगटन बड़ा उकसावा (Escalation) मान सकता है, जिसका असर अगले महीने ट्रंप की चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली बातचीत पर भी पड़ सकता है.
ईरान, जो भारी पश्चिमी प्रतिबंधों के अधीन है, के लिए चीन और रूस अभी भी उसके सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक और सैन्य साझेदार बने हुए हैं. दोनों देश ईरान को महत्वपूर्ण कूटनीतिक और आर्थिक समर्थन देते हैं. CNN रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध हथियार पैकेज में कंधे से दागे जाने वाले एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम (MANPADS) शामिल हो सकते हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान कम ऊंचाई पर उड़ने वाले अमेरिकी विमानों के खिलाफ कर सकता है.
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ऐसे सिस्टम हाल के झड़पों में पहले भी इस्तेमाल किए जा चुके हैं, जिसमें इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी फाइटर जेट्स और हेलिकॉप्टर शामिल थे. ईरान ने सार्वजनिक रूप से इसकी कोई डिटेल नहीं बताई है, हालांकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हाल में अमेरिकी विमानों पर सफल हमलों का श्रेय एक "नए, एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम" को दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ "बहुत गहरी बातचीत" कर रहा है. उन्होंने अंतिम समझौते होने या न होने को ज्यादा महत्व नहीं देते हुए कहा, ''शायद वे डील कर लें, शायद न करें — चाहे जो भी हो, हम जीतते हैं.'' उन्होंने कहा कि डील हो या न हो, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता.