लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य सरकार ने महज 18 घंटे के भीतर दो अलग-अलग सूची जारी कर कुल 64 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस दौरान 25 जिलों के जिलाधिकारियों को बदला गया, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
पहली सूची रविवार देर रात जारी हुई, जिसमें 40 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर के साथ 15 जिलों के डीएम बदले गए। इसके बाद सोमवार शाम दूसरी सूची जारी की गई, जिसमें 24 अधिकारियों के तबादले के साथ 10 और जिलों में नए डीएम तैनात किए गए। बाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को अयोध्या का नया डीएम बनाया गया है। उन्हें मुख्यमंत्री का भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अयोध्या को संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिला माना जा रहा है, ऐसे में यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है।
वहीं, अयोध्या के मौजूदा डीएम निखिल टीकाराम फुंडे को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव बनाया गया है। बाराबंकी की जिम्मेदारी अब विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह को सौंपी गई है। सोनभद्र में हाल ही में खदान हादसे में मजदूरों की मौत के बाद प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठे थे। इसके बाद वहां के डीएम बद्रीनाथ सिंह को हटाकर उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। उनके स्थानांतरण को प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकार ने इस फेरबदल में युवा अधिकारियों को भी मौका दिया है। 13 आईएएस अधिकारियों को पहली बार जिलों की कमान सौंपी गई है, जिससे प्रशासन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है। कई संयुक्त मजिस्ट्रेटों को पदोन्नति देते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया है। उत्कर्ष द्विवेदी को शाहजहांपुर, अभिनव जे जैन को कानपुर नगर दीक्षा जोशी को सीतापुर में सीडीओ की जिम्मेदारी दी गई है।
इस बार के तबादलों में महिला आईएएस अधिकारियों को प्रमुख पदों पर तैनाती दी गई है। कुल 8 महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।देवीपाटन मंडल में दुर्गा शक्ति नागपाल को मंडलायुक्त बनाया गया है, जिससे प्रदेश में महिला मंडलायुक्तों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।