ये दाल है क्या. अब जब फिरोजाबाद दिखा दिया गया है तब सुधार होगा क्या, ये गलत बात है, इसी बात की सैलरी मिलती है, मन से खाना बनाया जाता है तो स्वाद अपने आप आता है.
IPS कमलेश दीक्षित एक पीपीएस ऑफिसर हैं, लेकिन इन्होंने इतना शानदार काम किया, इन्हें पहले राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया और उसके बाद आईपीएस रैंक पर प्रमोट भी कर दिया गया. यूपी में जितने भी काम करने वाले अधिकारी हैं, उन्हें योगी खूब पसंद करते हैं, तभी तो कहा जा रहा है कि कमलेश दीक्षित ने ऐसा जायजा लेकर दूसरे जिले के आईपीएस के लिए एक नई ड्यूटी शुरू करवा दी है. क्योंकि जिस भी जिले में पानी वाली दाल और जली हुई रोटी मिलेगी वहां बाबा का बुलडोजर चलना तय है, योगी कभी भी ये नहीं चाहेंगे कि जिन पुलिसवालों ने माफियाओं को पानी पिलाया, योगी की सख्त छवि बनाई, यूपी में कानून व्यवस्था सुधारा उन्हें खराब खाना मिले.
यूपी पुलिस के जवानों को रोजाना 62 रुपये मिलते हैं, जिसमें नाश्ता, लंच और डिनर शामिल है
मेस में खाना बनने के बाद अधिकारी क्वालिटी चेक करते हैं, उसके बाद ही उसे परोसा जाता है
मंगलवार को ASP, बुधवार को CO पुलिस लाइन, और शुक्रवार को SP मेस का निरीक्षण करते हैं
लेकिन मेस संचालन कमेटी की मिलीभगत से अधिकारी हर महीने लाखों का घोटाला कर जाते हैं
यही वजह है कि जवानों को उतना बेहतर खाना नहीं मिल पाता, जितना मिलना चाहिए, हालांकि मेस वाले ये भी कहते हैं कि दिन के 62 रुपये कम पड़ जाते हैं इसलिए ये रकम बढ़नी चाहिए. जबकि योगी ने मुख्यमंत्री बनने के कुछ समय बाद ही जवानों के खाने का पैसा बढ़ा दिया था. अब सवाल ये उठता है कि योगी क्या फिर से पैसे बढ़ाएंगे या फिर प्रदेशभर में इस मामले की जांच होगी और लापरवाही करने वाले ठीक वैसे ही नपेंगे जैसे कुछ दिनों पहले सीएम योगी ने दागी अफसरों को बर्खास्त करने के आदेश दिए थे.सीएम योगी ने कानून व्यवस्था नहीं संभाल पाने पर मुकुल गोयल की डेढ़ महीने में ही DGP के पद से छुट्टी कर दी थी, जिस पर खूब सवाल भी खड़े हुए थे लेकिन DS चौहान जब से DGP बने हैं, बवाल शांत हैं, लेकिन अगर जवानों को सही खाना नहीं मिला तो उन पर भी गाज गिर सकती है.
क्योंकि योगीराज में कोई अधिकारी अपने काम को लेकर लापरवाही करे, पुलिस जवानों को सही सुविधाएं न दे या फिर जनता से बदतमीजी करे ये योगी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करते. आपके घर के जो लोग यूपी पुलिस में सेवा दे रहे होंगे उनसे पूछिएगा कि मेस का खाना उन्हें कैसा लगता है. क्योंकि मनोज कुमार के वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने दबी जुबान से ही सही लेकिन कहा था कि खराब खाना मिलता है फिर भी खाना पड़ता है, क्योंकि नौकरी जाने का डर है, योगी सरकार ने तो हमारे पैसे बढ़ाए लेकिन कुछ लोग बीच में खा जाते हैं.