यूपी में गजब कारनामा, नसबंदी के 9 साल बाद बनी मां, सरकारी अस्पताल में कराया था नसबंदी

Global Bharat 03 May 2026 10:31: PM 1 Mins
यूपी में गजब कारनामा, नसबंदी के 9 साल बाद बनी मां, सरकारी अस्पताल में कराया था नसबंदी

महोबा : उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से परिवार नियोजन योजना से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, यहां नसबंदी ऑपरेशन कराने के करीब 9 साल बाद एक महिला गर्भवती हो गई और उसने बच्ची को जन्म दिया. अब पीड़ित महिला ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है. महोबा के कबरई ब्लॉक के सुनेचा गांव निवासी भागवती ने बताया कि उन्होंने 8 दिसंबर 2016 को कबरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी महिला नसबंदी शिविर के तहत ऑपरेशन कराया था. उस समय उनके तीन बच्चे थे और परिवार नियोजन को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया था. महिला का आरोप है कि नसबंदी के बावजूद जुलाई 2024 में वह दोबारा गर्भवती हो गईं.

इस बात की जानकारी मिलने पर उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क किया, जहां जांच के बाद गर्भपात कराने से मना कर दिया गया. इसके बाद 21 जनवरी 2025 को उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया. भागवती का कहना है कि वह बेहद गरीब परिवार से हैं और पति के साथ मजदूरी कर परिवार चलाती हैं. रोजगार के सिलसिले में दोनों नोएडा में रहकर मजदूरी करते थे.

चौथी संतान होने के बाद परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. महिला ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर नसबंदी फेल होने के मामले में सरकार से मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की मांग की है. उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा फॉर्म भरवाकर जमा करा लिया गया था, लेकिन अब तक कोई सहायता नहीं मिली. इस मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमाकांत चोरिहाने ने बताया कि कई बार नसबंदी के बाद ट्यूब के कटे हुए हिस्से दोबारा जुड़ जाने से ऑपरेशन फेल हो सकता है.

 सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, ऐसे मामलों में पीड़ित महिला को 60 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. इसके लिए अस्पताल से आवेदन लखनऊ भेजा जाता है, जिसके बाद प्रक्रिया पूरी होने पर भुगतान किया जाता है. 

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