महाराष्ट्र की ट्रेनी IAS पूजा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. पहले पूजा खेडकर की ट्रेनिंग पर रोक लगी थी, वहीं अब यूपीएससी ने उसपर फर्जी उम्मीदवारी के खिलाफ कार्रवाई की है और प्राथमिकी दर्ज कराई है. अब पूजा खेडकर के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा. साथ ही सिविल सेवा परीक्षा 2022 में उनकी उम्मीदवारी रद्द करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
इससे पहले बंदूक लहराने के मामले में पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर को हिरासत में लिया गया था और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. इससे पहले वीआईपी डिमांड को लेकर घिरी पूजा खेडकर की ट्रेनिंग को रोककर उसे मसूरी ट्रेनिंग सेंटर में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था. बता दें कि पूजा खेडकर पर कई प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़े का आरोप है, जिसके बाद उसका ट्रांस्फर पुणे से वाशिम कर दिया गया था. लेकिन अब सरकार ने खेड़कर पर बड़ा एक्शन ले लिया है. पूजा खेडकर को 23 जुलाई तक वापस मसूरी अकादमी आने के लिए कहा गया है.
बताते चलें कि विवादों में घिरने के बाद पीएमओ, मसूरी अकादमी ने संज्ञान लिया था. वहीं केंद्र सरकार के द्वारा एक पैनल बनाकर मामले की जांच की जा रही है. महाराष्ट्र सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन गद्रे ने पत्र लिखकर कहा है कि पूजा को ट्रेनिंग से मुक्त किया जाता है, जिसके बाद उसे मसूरी अकादमी में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है. इसके लिए उसे 23 जुलाई तक का समय दिया गया है.
बता दें कि पूजा खेडकर तब विवाद में आई थी, जब ट्रेनिंक के लिए पुणे भेजे जाने के दौरान उन्होंने वीआईपी डिमांड की थी. इसी बीच खुलासा हुआ कि उन्होंने चयन प्रकिया के दौरान भी गलत मेडिकल सर्टिफिकेट दिया है. फिर उनके ओबीसी क्रीमी लेयर सर्टेफिकेट भी सवालों के घेरे में आ गए. वहीं गन लहराने के मामले में उसकी मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है. साथ जिस ओडी कार में पूजा खेडकर ने लाल-नीली बत्ती लगाई थी, उस कार को भी जब्त कर लिया गया है.
पूजा खेडकर पर लगे हैं ये आरोप...
ट्रेनी आईएएस पूजा पर आरोप है कि ट्रेनिंग पीरियड के दौरान उन्होंने सरकारी आवास, स्टाफ, गाड़ी और दफ्तर में अलग केबिन की मांग की. उन्होंने अपनी निजी ऑडी कार पर लाल-नीली बत्ती और महाराष्ट्र सरकार का लोगो लगाया. उन्होंने चोरी के आरोप में गिरफ्तार एक ट्रांसपोर्टर को छोड़ने के लिए डीसीपी रैंक के अधिकारी पर दबाव बनाया. उन्होंने आईएएस बनने के लिए झूठे दस्तावेज का इस्तेमाल करते हुए यूपीएससी के फॉर्म में खुद को ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर बताया.