वाशिंगटन: अमेरिका के रिपब्लिकन सांसद लिंडसे ग्राहम ने ईरान-अमेरिका तनाव में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने पाकिस्तान की इस भूमिका को पूरी तरह से दोषपूर्ण बताया. ग्राहम की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान के बाद आई है. आसिफ ने स्पष्ट किया था कि पाकिस्तान अब्राहम समझौते में शामिल होने के पक्ष में नहीं है. उन्होंने कहा कि इजरायल को मान्यता तभी दी जाएगी, जब 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर एक स्वतंत्र फलस्तीनी राज्य का गठन हो जाएगा.
सांसद लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पाकिस्तान न केवल मध्यस्थ के रूप में निष्पक्ष नहीं है, बल्कि इजरायल के प्रति उसकी पुरानी दुश्मनी भी साफ दिख रही है. उन्होंने पाकिस्तान से मांग की कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील पर तुरंत जवाब दे.
ग्राहम ने आगे कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के इजरायल विरोधी बयान (भले ही एक साल पुराने हों) आज भी उनके रुख को दर्शाते हैं. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पाकिस्तान के हवाई अड्डों पर ईरानी सैन्य विमानों की मौजूदगी और इजरायल विरोधी पुराने बयान बेहद चिंताजनक हैं.
क्षेत्र में बढ़ता तनाव
अभी तक दोनों देशों के बीच कोई स्थायी समझौता नहीं हो पाया है और स्थिति नाजुक बनी हुई है. अमेरिकी सांसद की टिप्पणी से साफ है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता और इजरायल नीति पर वॉशिंगटन में गहरी नाराजगी है. अब देखना होगा कि पाकिस्तान ट्रंप की अपील पर क्या रुख अपनाता है.