नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने इस हमले में मारे गए कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी के परिवार से अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए केंद्र और राज्य सरकार से मृतक को शहीद का दर्जा देने की मांग की. राहुल गांधी ने इस दौरान आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और दोषियों को कठोर सजा देने की आवश्यकता पर जोर दिया.
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राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने शुभम द्विवेदी के परिजनों से मुलाकात की, जिनमें शुभम की पत्नी ऐशन्या और उनके पिता शामिल थे. उन्होंने कहा कि परिवार का दुख देखकर उनका दिल टूट गया. राहुल गांधी ने कहा, "शुभम की पत्नी और पिता मुझे देखकर रो पड़े. मैंने उन्हें गले लगाकर सांत्वना दी. यह एक दुखद और हृदयविदारक घटना है. पूरा देश इस शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है." उन्होंने इस मुलाकात के दौरान परिवार की पीड़ा को समझने और उनकी मदद करने का वादा किया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने सरकार से मांग की है कि पहलगाम हमले के गुनहगारों को जल्द से जल्द खोजकर कड़ी सजा दी जाए. उन्होंने कहा, "इस हमले के जिम्मेदार आतंकियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए. साथ ही, इस घटना में लापरवाही बरतने वाले अन्य जिम्मेदार लोगों को भी स्पष्ट सबक मिलना चाहिए. भारत को यह संदेश देना होगा कि वह इस तरह के दुस्साहस को बर्दाश्त नहीं करेगा." राहुल गांधी ने अलग से सरकार से इस मामले में विशेष संसद सत्र बुलाने की भी मांग की ताकि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो सके.
राहुल ने आतंकवाद को समाज को बांटने की साजिश करार देते हुए कहा कि आतंकियों का मकसद लोगों में डर पैदा करना और समाज को तोड़ना है. उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की और कहा, "हमें आतंकवादियों को उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देना है." उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात का जिक्र किया और कहा कि वह सरकार की हर उस कार्रवाई का समर्थन करेंगे जो आतंकवाद के खिलाफ होगी.
कानपुर में शुभम के परिवार से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी मौजूद थे. राहुल ने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है. उन्होंने यह भी कहा कि शुभम जैसे नौजवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए राहुल गांधी ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, बल्कि सरकार पर पीड़ित परिवारों को न्याय और सम्मान देने का दबाव भी बनाया.