नई दिल्ली: राजस्थान के नागौर जिले की पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में अवैध विस्फोटकों का बड़ा जखीरा पकड़ा है. पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के अनुसार, लंबे समय से मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर जिले में विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान हरसौर गांव के रहने वाले सुलेमान खान को गिरफ्तार किया गया, जो अपने फार्महाउस में ये सामग्री संग्रहित कर रहा था.
बरामदगी में लगभग 10,000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट शामिल है, साथ ही बड़ी संख्या में डेटोनेटर, डेटोनेटिंग तार और खनन कार्यों में प्रयोग होने वाली अन्य विस्फोटक चीजें जब्त की गई हैं. एसपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के साथ-साथ संगठित अपराध से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है. यह सफल ऑपरेशन संवेदनशील समय में सुरक्षा बलों की सतर्कता को दर्शाता है.
अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक सामग्री फार्महाउस के चार अलग-अलग कमरों में रखी गई थी, जो गांव के बाहरी इलाके में स्थित है. ऐसा लगता है कि इसे छिपाने की कोशिश की गई थी. नागौर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कछावा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी इस सामग्री को अवैध खनन में लगे लोगों को सप्लाई करता था.
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि यह विस्फोटक सामग्री अवैध खनन करने वालों को बेची जा रही थी. पुलिस का मानना है कि जब्त की गई यह खेप अवैध बाजार में कई करोड़ रुपए की है. जांच में सामने आया कि सुलेमान खान का आपराधिक इतिहास रहा है. उसके खिलाफ तीन मामले पहले से दर्ज हैं, जिनमें से दो अभी ट्रायल में हैं और एक मामले में उसे बरी किया जा चुका है.