एक पंक्चरवाला कैसे मध्य प्रदेश का बड़ा भूमाफिया बना, ये फाइल पुलिस भी पढ़कर चकरा जाती है, कभी दाने-दाने को तरसने वाला शहजाद अली कैसे तीन भाईयों के साथ मिलकर पूरे शहर का सम्राट बन जाता है, 100-200 रुपये की पुरानी टायर बेचकर कैसे करोड़ों की संपत्ति बनाता है, आपको भी जानना चाहिए. इसके करीबी बताते हैं, ये चार भाई है...
पहला- आजाद अली, नगरपालिका पार्षद
दूसरा- हाजी शहजाद, पूर्व कांग्रेस उपाध्यक्ष
तीसरा- फैयाज अलीह, रेत-प्रॉपर्टी कारोबारी
चौथा- इम्तियाज पुराना टायर और तेल कारोबारी
वहां के लोग बताते हैं पुराना टायर बेचकर या फिर तेल का कारोबार करके कोई इतना अमीर नहीं बन सकता, इसलिए शहजाद ने अपने भाइयों के साथ मिलकर जमीन कब्जाने का धंधा शुरू किया, अपने साथ कुछ गुर्गे भी रखने लगा, जब भी कोई नया इस बिजनेस में आता उसे शहजाद एंड फैमिली से परमिशन लेनी पड़ती, जो बात नहीं मानता, उसके साथ क्या होता होगा, आप अंदाजा लगा लीजिए. यानि टायर, तेल और रेत प्रॉपर्टी के कारोबार में इसका एकछत्र राज था. लेकिन इतने से इसका मन नहीं भरा.
शहजाद अली कैसे बना कांग्रेस का दुलारा?
बल्कि इसने सियासत में आने का सपना देखा, कांग्रेस को चूंकि इसके अंदर बड़ा वोटबैंक दिखा इसलिए साथ जोड़ लिया. कहा जाता है कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के करीबी मुन्ना राजा ऊर्फ शंकर प्रताप सिंह से मिलकर इसने कांग्रेस ज्वाइन की, जिला उपाध्यक्ष रहा, और फिर इसके सारे काले कामों पर परदा डलने लगा. इसी दौरान इसने सलमान खान की सनम बेवफा मूवी देखी और वैसा ही महल बनवाने के बारे में सोचने लगा.
सनम बेवफा मूवी देखकर बनवाया सपनों का महल
5 साल पहले प्लान तैयार किया, इलाके के बड़े-बड़े कारीगर को बुलाकर कहा हम पैसा पानी की तरह बहाने को तैयार हैं, वक्त भी तुम्हारे पास भरपूर है, एक साल, दो साल, तीन साल, चार साल जितना चाहो लो, पर ऐसा महल बनाकर दो कि तस्वीर देखकर बड़े-बड़े सितारों का मन ललचा जाए. कारीगरों ने कई करोड़ का प्रपोजल दिया, काम शुरू हुआ, महंगे से महंगा सीमेंट, टाइल्स और डिजाइन खंभे बनाए जाते हैं, पर 5 साल बाद जैसे ही काम पूरा होने वाला होता है, ये चारों भाई एक बड़ी गलती कर बैठते हैं.
एक पत्थर की कीमत 20 करोड़ गंवाकर चुकाई!
21 अगस्त 2024 की तारीख इनकी जिंदगी के लिए काल बनी जाती है, ये अपने ही जिले के एक थाने में जाते हैं, वहां पथराव करवाते हैं, पर शहजाद को शायद ये अंदाजा नहीं होता कि 24 घंटे के अंदर मध्य प्रदेश की पुलिस इन पत्थरों का जवाब बुलडोजर और जेसीबी से देगी. करीब 20 हजार वर्ग मीटर का आलीशान घर 200 मिनट में 3 बुलडोजर ध्वस्त कर देते हैं. और चारों भाइयों की तलाश में पुलिस जुट जाती है, इसी के साथ कई बड़े खुलासे भी होते हैं. सूत्र बताते हैं...शहजाद अली हर उस बाबा को अपना दुश्मन मानता था, जो हिंदू राष्ट्र की बात करता था. बाबा बागेश्वर के धाम से 30 किलोमीटर दूरी पर ये अपना आलीशान मकान बनवा रहा था.
ख़बरें ऐसी भी हैं कि इसने कई जमीनों पर अवैध कब्जा जमा रखा था, इसके लोगों का खौफ इतना था कि छतरपुर के रहने वाले एक सरकारी कर्मचारी ने करोड़ों रुपये में 2600 वर्ग फीट का प्लॉट खरीदा, लेकिन वहां पहुंचकर शहजाद के भाई के लोगों ने ताला लगा दिया. कहा जाता है कि जब बागेश्वर धाम सरकार पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगे थे, तब शहजाद जैसे लोगों ने उन आरोपों का समर्थन किया था. यही वजह है कि जब शहजाद के घर बुलडोजर चला तो कई लोग बाबा बागेश्वर का वीडियो वायरल करने लगे जिसमें बाबा बागेश्वर कहते हैं...कोई तुम्हारे घर पर पत्थऱ फेंके तो उसके घर जेसीबी लेकर पहुंच जाओ, और हम भी जेसीबी खरीद रहे हैं.
ये बात पंडित धीरेन्द्र शास्त्री हंसते हुए कहते हैं पर आज शायद शहजाद भी सोच रहा होगा न पत्थर उठाता न सपनों का महल आंखों के सामने ढेर होता. फिलहाल इसका पूरा परिवार पुश्तैनी मकान में रहता है, कुछ ही दिनों में नए मकान में शिफ्ट होने वाला था, पर अब आलीशान मकान खुले मैदान में तब्दील हो गया है, कुछ लोग इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, तो कुछ इसके समर्थन में हैं, आप किसके साथ खड़े हैं, आपको तय करना है.