
ये पटना सेंट्रल की SP स्वीटी सहरावत हैं, जिनके वीडियो और फोटो हर चैनल पर सोशल मीडिया पर और न्यूज पेपर में खूब वायरल हो रहा है. ये एक दबंग IPS अधिकारी हैं. जरूरत पड़ने पर हाथों में डंडा उठा लेती हैं. लोगों पर लाठीचार्ज कर देती हैं. पूर्व डीजीपी को सरेआम भिड़ जाती हैं.बड़े-बड़े नेताओं को सड़क से भगा देती हैं. अपनी ड्यूटी के आगे किसी की सुनती नहीं है. ये कौन हैं, कहां की रहने वाली हैं, कब आईपीएस बनीं, ये सब आपको बताएं उससे पहले जानिए किस तरह से ये लेडी सिंघम पटना की पुलिस फोर्स को लीड कर रही है. ये तस्वीरें बिहार की राजधानी पटना की हैं. जहां छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.इसी दौरान पुलिस की लाठीचार्ज की तस्वीरें भी सामने आती हैं, जिसे लेकर स्वीटी सहरावत से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ.
उनसे बार-बार यहां से हटने का अनुरोध किया गया. हमने उनसे कहा कि वे अपनी मांगें हमारे सामने रखें, हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन वे अड़े रहे. अभ्यर्थियों द्वारा प्रशासन के साथ धक्का-मुक्की की गई.अंत में हमें मजबूरन वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा. क्योंकि प्रदर्शन की वजह से पूरे इलाके में जाम लग गया था. और पूरे मार्च को लीड करने वाले जेपी गोलंबर पर जाम करके निकल गए.
छात्रों को भड़काने वाले नेताओं को लपेटने की तैयारी भी स्वीटी सहरावत कर चुकी हैं. उन्होंने छात्रों को भड़काने और फंसाने वाले नेताओं की भी लिस्ट तैयार कर ली है.. इसमें प्रशांत किशोर से लेकर कोचिंग सेंटरों के संचालकों तक के नाम शामिल हैं. पूरे हंगामे में स्वीटी ने 600 से ज्यादा लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है.अब आपको थोड़ा स्वीटी सहरावत के बारे में भी बताते हैं-
कौन हैं IPS स्वीटी सहरावत
स्वीटी के पिता का सपना था कि उनकी बेटी एक प्रशासनिक अधिकारी बने. IPS बनने के बाद स्वीटी को बिहार के औरंगाबाद जिले में ASP के पद पर तैनात किया गया. यहां उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपनी क्षमता का परिचय दिया. अपनी दबंग अंदाज के कारण उन्हें पटना सेंट्रल एसपी के पद पर तैनात किया गया है. स्वीटी कितनी दबंग अधिकारी हैं इस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है. जब सितंबर 2023 में केरल के पूर्व राज्यपाल और पूर्व DGP निखिल कुमार स्वीटी के आवास पर पहुंचे थे. जिसमें उन्होंने पूर्व अधिकारी को फटकार लगाते हुए सीधे-सीधे कह दिया था. मैं आवास पर किसी से नहीं मिलती हूं. प्राइवेसी नाम की भी कोई चीज होती है.
इस वीडियो को वायरल होने में भी देर नहीं लगी थी. इस लेडी सिंघम के अंदज का हर कोई कायल हो गया था. और यही वजह है कि जब स्वीटी सहरावत को पटना में शांति लाने की जिम्मेदारी मिली तो उन्होंने किसी भी परिस्थति से समझौता करने के बजाय लाठी उठाना ज्यादा जरूरी समझा.. और इसी लाठी की वजह से जो नेता छात्रों को भड़का कर माहौल बिगाड़ने और अपनी राजनीति चमकाने की कोशिशों में लगे थे. वो भी मौके से नौ दो ग्यारह होते नजर आए. और इन्हीं तेवरों की वजह से ये बात भी साफ हो चुकी है. कि अगर किसी ने प्रदर्शन के नाम पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, स्वीटी उसे छोड़ेंगी नहीं. फिर वो चाहे कोई बड़ा नेता हो या फिर किसी कोचिंग सेंटर का संचालक ही क्यों ना हो. हालांकि कुछ लोग स्वीटी सहरावत की के एक्शन की आलोचना भी कर रहे हैं, क्योंकि आप पढ़-लिखकर आईपीएस बनी हैं, दिमाग लगाकर विवाद को शांत कराने के लिए, न कि लाठी चलवाने के लिए.