Suvendu Adhikari PA Murder: नई दिल्ली पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें सबसे चर्चित नाम राज सिंह का है, जिसे जांच एजेंसियां इस हत्याकांड का मुख्य शूटर मान रही हैं.
आरोपी राज सिंह कौन है?
राज सिंह को पुलिस एक प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में देख रही है. गिरफ्तारी के समय उनकी गाड़ी पर "अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा" का नाम लिखा मिला. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या राज सिंह इस संगठन से वाकई जुड़े हैं या फिर चेकिंग से बचने के लिए यह नाम सिर्फ कवर के तौर पर इस्तेमाल किया गया था. उन्हें उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा क्षेत्र से पकड़ा गया. माना जा रहा है कि वे भाड़े पर हत्याएं करने वाले एक गिरोह का हिस्सा हैं, जो सुपारी लेकर काम करते हैं.
कैसे हुई गिरफ्तारी?
हत्या के बाद भागते समय आरोपियों ने एक बड़ी चूक कर दी. कोलकाता के पास बाली टोल प्लाजा पर उन्होंने नकदी की बजाय UPI से पेमेंट किया. इसी डिजिटल ट्रांजेक्शन से पुलिस को मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स का सुराग मिल गया. पश्चिम बंगाल की SIT ने यूपी और बिहार पुलिस के साथ मिलकर इन तीनों को ट्रेस करके गिरफ्तार किया.
कैसे हुई थी हत्या?
जांच के अनुसार, यह एक प्लान्ड कॉन्ट्रैक्ट किलिंग थी. राज सिंह और उसके साथी विशाल श्रीवास्तव व मयंक मिश्रा ने मात्र 50 सेकंड में वारदात को अंजाम दिया. चंद्रनाथ रथ कार की आगे वाली सीट पर बैठे थे. आरोपियों ने ग्लॉक पिस्तौल से उन पर करीब 10 राउंड फायरिंग की. सूत्रों के मुताबिक, इस हत्या के लिए 40 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी. पुलिस अब उस मुख्य साजिशकर्ता की तलाश में है, जिसने यह रकम दी. छापेमारी अयोध्या और बक्सर इलाकों में चल रही है.
क्यों की गई हत्या?
चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के सबसे विश्वसनीय लोगों में से एक थे. वे कोयला माफिया और मवेशी तस्करी से जुड़ी संवेदनशील फाइलों पर काम कर रहे थे. पुलिस को आशंका है कि इन्हीं माफिया गिरोहों ने इस हत्या को करवाया ताकि सबूतों को नष्ट किया जा सके.
राज मां का आया बयान
राज सिंह की मां जामवंती सिंह ने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा है कि घटना के दिन राज सिंह कोलकाता में था ही नहीं. उनके अनुसार, 4 से 6 तारीख तक वह बलिया में घर पर था. बलिया के 'ड्रेसलैंड' से खरीदारी का CCTV फुटेज भी उनके पास है. परिवार लखनऊ में एक एमएलसी की बेटी की शादी में शामिल होने गया था.
वापसी में अंबेडकरनगर और अयोध्या में दर्शन करके लौट रहे थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया. मां ने रोते हुए कहा कि उनके बेटे का कोलकाता में कोई रिश्ता नहीं है और उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है.