नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी ने प्रो. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है. उत्तर प्रदेश की राजनीति और मुस्लिम समाज के बीच उनकी पहचान को देखते हुए बीजेपी का यह फैसला अहम माना जा रहा है. प्रो. मंसूर फिलहाल उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य यानी MLC हैं.
प्रो. तारिक मंसूर लंबे समय तक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से जुड़े रहे हैं. वह करीब छह साल तक AMU के कुलपति रहे. कुलपति के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे. शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र में उनकी लंबी पृष्ठभूमि ने उन्हें राजनीतिक गलियारों में भी अलग पहचान दिलाई.
AMU के कुलपति पद से हटने के बाद प्रो. मंसूर ने सक्रिय राजनीति का रुख किया और बीजेपी से जुड़े. पार्टी ने उन्हें विधान परिषद भेजा, इसके बाद संगठन में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई. बीजेपी ने अब उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर पार्टी के केंद्रीय संगठन में महत्वपूर्ण स्थान दिया है.
प्रो. तारिक मंसूर की नियुक्ति को बीजेपी की व्यापक सामाजिक और राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. AMU और मुस्लिम समाज से जुड़े उनके अनुभव का इस्तेमाल पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठनात्मक विस्तार और संवाद को मजबूत करने में कर सकती है.
खास बात यह है कि बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में उन्हें जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब पार्टी अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है. ऐसे में प्रो. मंसूर का अनुभव शिक्षा, अल्पसंख्यक समाज और राजनीति तीनों क्षेत्रों में पार्टी के लिए उपयोगी साबित हो सकता है. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने के साथ ही प्रो. तारिक मंसूर का राजनीतिक कद भी पहले की तुलना में और बढ़ गया है.