• पिता ने पाकिस्तान को दो हिस्सों में बंटवाया, अब बिटिया करवाएगा पाकिस्तान के 4 हिस्से!
• इधर कर्नल सोफिया कर रही थीं प्रेस कॉन्फ्रेंस, तो उधर क्यों रो रहीं थी उनकी बहन शायना ?
• पिता ताज मोहम्मद कुरैशी ने की मोदी से बड़ी डिमांड, मां हलीमा बोलीं देश की सेवा के लिए...
नई दिल्ली: कर्नल सोफिया कुरैशी कौन हैं, कहां की रहने वाली हैं, ये तो आप जान चुके होंगे, लेकिन इनके परिवार में कौन-कौन हैं, और इनकी बहन शायना कुरैशी क्यों रोने लगती हैं, जरा उसका किस्सा अब सुनिए, और ये भी जानिए कि कर्नल सोफिया के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी ने मोदी सरकार से कौन सी बड़ी डिमांड कर दी है, जिसे पूरा करना फिलहाल संभव नहीं होगा. कर्नल सोफिया की बहन शायना कुरैशी कहती हैं, ''ऑपरेशन से एक दिन पहले सोफिया से बात हुई थी, लेकिन उन्होंने आर्मी ऑफिसर के नाते एक भी शब्द इसे लेकर नहीं कहा. ये साइंटिस्ट बनकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ काम करना चाहती थी, लेकिन PHD के दौरान ही जब कॉलेज में पढ़ा रही थी, उसी दौरान महिला ऑफिसर के भर्ती निकली और इन्होंने फॉर्म भरा औऱ सेलेक्शन हो गया. मैं खुद सेना में जाना चाहती थी, एनसीसी से भी पास आउट हूं, पर मेरा सेलेक्शन नहीं हुआ, अब सोफिया को वर्दी में देखकर ही अपना सपना जी रही हूं. फिलहाल मुंबई में अपना प्रोडक्शन हाउस चलाती हूं.''
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इतना कहते-कहते शायना भावुक होकर रो पड़ती हैं. लेकिन ये आंसू खुद के सेना में शामिल न होने के अफसोस से ज्यादा अपनी बहन पर गर्व के हैं और गर्व होना भी चाहिए, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सोफिया ने जिस तरीके से एक-एक सबूत पूरे देश के सामने रखे हैं. उसने पाकिस्तान की एक बार फिर पोल खोलकर रख दी है, मां हलीमा कुरैशी भी अपनी खुशी के आंसू नहीं रोक पाती और यही कहती हैं कि हर किसी को बेटियों को पढ़ाना चाहिए, मेरी बिटिया शुरू से ही देश सेवा करना चाहती थी.
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पिता मोहम्मद ताज कुरैशी कहते हैं, ''मेरे पिता और दादा सेना में रहे हैं, 1971 की जंग भी लड़ी है. अगर भारत सरकार अभी आदेश दे दे तो पाकिस्तान को इस उम्र में भी मिटाकर लौटूंगा, क्योंकि पाकिस्तान की हरकतें ऐसी हैं कि वो इस दुनिया में रहने लायक है ही नहीं. दुनिया के नक्शे में उसका नाम ही नहीं होना चाहिए.'' तो क्या पिता ने बांग्लादेश बनवाने में भूमिका निभाई और अब बेटी पाकिस्तान के 4 हिस्से करवाने में रोल निभाएगी, क्योंकि सोशल मीडिया पर तो चर्चा यही है कि पाकिस्तान के इस बार दो नहीं बल्कि 4 हिस्से होंगे, एनएसए डोभाल ने पहले ही कह दिया था कि पाकिस्तान ने इस बार अगर कोई गलती की तो ब्लूचिस्तान उसके हाथ से निकल जाएगा.
पाकिस्तान ने एक और मुंबई किया तो वो ब्लूचिस्तान खो देगा. तो क्या ये वक्त आ गया है, सोफिया कुरैशी के हवाले से जनसत्ता ये भी लिखता है कि जब वो सेना में भर्ती हुईं तो करगिल चल रहा था, हालांकि कुछ मीडिया संस्थान सोफिया की उम्र 33 साल लिख रहे हैं और करगिल आज से 26 साल पहले हुआ, और सोफिया 16 साल पहले सेना में भर्ती हुईं, ऐसे में इस दावे को लेकर भी कई तरीके की बातें हो रही हैं, लेकिन इन दावों से ज्यादा बड़ी बात इस परिवार को सैल्यूट करने की है, जिनकी बिटिया का बयान सुन पाकिस्तान का हर हुक्मरान डरा हुआ है, वहां की सेना को अब समझ नहीं आ रहा कि करें तो करें क्या. ऐसी जांबाज महिला अधिकारी के लिए एक सैल्यूट जरूरी है.