नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भविष्यवाणी की थी कि भाजपा के सम्राट चौधरी एक “बड़े नेता” बनेंगे. यह भविष्यवाणी महज कुछ हफ्तों में ही सच होती दिख रही है. दो दशकों से अधिक समय तक नीतीश कुमार के पास रहा सबसे अहम गृह विभाग अब उनके डिप्टी सम्राट चौधरी को सौंप दिया गया है.
मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार बने रहने के बावजूद एनडीए सरकार में सत्ता की ड्राइविंग सीट अब भाजपा के पास जाती दिख रही है. कैबिनेट में नंबर-दो की हैसियत रखने वाले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का कद काफी बढ़ गया है.
इससे पहले इंडिया टुडे टीवी ने रिपोर्ट की थी कि मंत्रिमंडल गठन के आखिरी समय में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू गृह विभाग अपने सहयोगी भाजपा को देने के लिए तैयार नहीं थी, जिससे शपथ ग्रहण से पहले देरी हुई थी.
अब सम्राट चौधरी के हाथों में गृह विभाग की कमान आने से प्रशासन, शासन और नौकरशाही पर उनकी पकड़ मजबूत हो जाएगी. कानून-व्यवस्था पर उनका पूरा नियंत्रण होगा और सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठ जैसे संवेदनशील मुद्दों को वे सीधे हैंडल करेंगे. दूसरी ओर, नीतीश कुमार के दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ-साथ खान एवं भूतत्व विभाग दिया गया है.
मंगल पांडेय को स्वास्थ्य मंत्रालय बरकरार रखते हुए विधि (कानून) विभाग भी सौंपा गया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है. कुल 26 मंत्रियों ने गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में भव्य समारोह में शपथ ली थी और शुक्रवार को एनडीए ने 18 विभागों का बंटवारा घोषित कर दिया.