अहमदाबाद: गुजरात में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अहमदाबाद के जशोदानगर इलाके में एक गंभीर घटना सामने आई. अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की टीम जब अवैध दुकानों को हटाने पहुंची, तो एक महिला ने अपनी दुकान तोड़े जाने के विरोध में खुद को आग लगा ली. इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश फैला दिया, जिसके बाद भीड़ ने नगर निगम की टीम पर पथराव किया, जिसमें कई कर्मचारी घायल हो गए.
यह हादसा जशोदानगर के जय श्री कॉम्प्लेक्स के पास हुआ. AMC की टीम बिना पुलिस सुरक्षा के अवैध दुकानों को ध्वस्त करने पहुंची थी. इस दौरान 36 वर्षीय नर्मदा कुमावत ने अपनी दुकान तोड़े जाने का कड़ा विरोध किया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नर्मदा ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी दुकान तोड़ी गई तो वह आत्मदाह कर लेगी. फिर भी, जब बुलडोजर आगे बढ़ा, तो नर्मदा ने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली.
आग की लपटों में घिरी नर्मदा को स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाने की कोशिश की. उन्होंने पानी डालकर आग बुझाई और उसे तत्काल नजदीकी एलजी अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों के अनुसार, नर्मदा 80% तक जल चुकी हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक है. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नर्मदा को आग की लपटों में भागते और लोगों को उनकी मदद करते देखा जा सकता है.
नर्मदा के आत्मदाह की कोशिश के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए. गुस्साई भीड़ ने AMC की टीम और उनकी गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया. कुछ अन्य लोगों ने भी आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों और बाद में पहुंची पुलिस ने रोक लिया. इस हंगामे में कई AMC कर्मचारी घायल हो गए. पुलिस का कहना है कि AMC ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया. नियमानुसार, अतिक्रमण हटाने से पहले AMC को पुलिस को सूचित करना चाहिए था.
हालांकि, इस मामले में पुलिस को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की. स्थानीय लोगों का कहना है कि नर्मदा ने अपनी दुकान तोड़े जाने से पहले AMC की टीम को स्पष्ट चेतावनी दी थी. इसके बावजूद, अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कार्रवाई जारी रखी. इस घटना ने स्थानीय लोगों में गुस्सा पैदा किया.