लखनऊ: भारत-पाकिस्तान युद्ध (india Pakistan war) के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बड़ा बयान दिया है. योगी आदित्यनाथ ने एक संबोधन के दौरान पाकिस्तान को तो लताड़ा ही है, इसके साथ ही उन्होंने भारत में रह कर पाक का गुणगान करने वालों को भी सीधी चेतावनी दी है, योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस देश में केवल राष्ट्रनायकों के लिए जगह है, देश विरोधियों के लिए यहां कोई स्थान नहीं है.
यह भी पढ़ें: Bharat Pakistan War Live: पीएम हाउस छोड़ भागा शहबाज शरीफ, सेफ हाउस में हुआ शिफ्ट- सूत्र
पाकिस्तान और पाक प्रेमियों को योगी की चेतावनी
योगी आदित्यनाथ लखनऊ के हुसैनगंज चैराहे पर स्तिथ प्रतिमा सौन्दर्यीकरण और लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे. जहां उन्होंने पाकिस्तान को सीध शब्दों में लताड़ते हुए कहा है कि अगर वो अभी भी नहीं सुधरा तो एक दिन अपने वजूद के लिए जूझना पड़ेगा. योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के दौरान कहा कि पहलगाम में हुए हमले के बाद पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका है. पीएम नरेंद्र मोदी और तीनों सेनाओं के संयुक्त प्रयास की बदौलात पाकिस्तानी आतंकियों के मंसूबे पूरी तरह चकनाचूर हो चुके हैं. पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और मंत्रियों ने आतंकवादियों के जनाजे में जाकर ये साबित करदिया है कि वो ही आतंकियों को पालते हैं. सारे सबूत सामने आने के बावजूद भी पाकिस्तान बेशर्मी की सारी हदों को पार कर रहा है. वो अभी भी आतंकियों के साथ अपन संबंधों को नकार रहा है. इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत विजयी है और हर हाल में विजयी ही रहेगा, लेकिन इस देश के दुश्मनों के लिए देश के अंदर रहने के लिए कोई जगह नहीं है.
महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम में पहुंचे थे योगी
योगी आदित्यनाथ महाराणा प्रताप जयंती समारोह में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने वीर शिरोमणि की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे ही महावीरों की बदौलत हम सब आजाद हैं. उन्हीं से प्रेरणा लेकर भारतीय सेनाओं का हौसला भी बनाए रखना है. सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने की साजिशें रची जाएंगी, लेकिन हमें केंद्र सरकार से मिल रहे आदेशों के हिसाब से ही काम करना होगा.
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जब 1998 में वो गोरखपुर से सांसद ते तो उत्तर प्रदेश में महाराणा प्रताप की तीन मूर्तियां लगाने का प्रस्ताव उस समय के मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह के पास भेजा था. जिसमें लखनऊ,गोरखपुर और प्रयागराज में महाराणा प्रताप की मूर्तियां लगानी थीं. इसी प्रस्ताव पर कार्य करते हुए सांस्कृतिक विभाग ने ये मूर्ती लगाई थी.