इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर फिर एक बार विवाद बढ़ गया है. कांग्रेस के मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल के बयान पर भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने तगड़ा पलटवार किया है. रुबीना इकबाल कहा था कि वंदे मातरम नहीं बोलेगी. यह हमारे धर्म के खिलाफ है. कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए. मैं एआईएमआईएम में चली जाऊंगी. इस बयान के बाद से ही इंदौर में माहौल गर्म है. पूर्व मंत्री भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने तगड़ा पलटवार करते हुए निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो वंदे मातरम का सम्मान करना ही होगा.
उषा ठाकुर ने कहा कि संविधान सर्वोपरि है. अपमान बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा. यह देश किसी एक धर्म का नहीं बल्कि सभी नागरिकों का है और यहां पर संविधान सर्वोपरि है. कहा कि अगर कोई भी वंदे मातरम बोलने से मना करता है तो उसे राष्ट्र के प्रति अनादर माना जाएगा. विधायक ने कहा कि यह गंभीर विषय है और इस तरीके की सोच देश हित के बिल्कुल विपरीत है.
गीत नहीं बल्कि था जुनून
विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम देश की आजादी का प्रतीक है. यह महज एक गीत नहीं है. बल्कि, आजादी के आंदोलन का प्रतीक रहा है. इस गीत ने देश के लोगों के अंदर जुनून भरा था. लाखों लोगों ने अपना बलिदान भी दिया है. ऐसे में वंदे मातरम गीत गाने से कोई भी नागरिक मना करता है तो यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण निंदनीय है. उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले हर व्यक्ति को राष्ट्र के प्रति निष्ठा दिखाना चाहिए और अपनी जिम्मेदारी समझना चाहिए.
कांग्रेस पर साधा निशाना
उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला. उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी की मानसिकता अब सबसे सामने साफ हो चुकी है. कहा कि इस तरीके का बयान देश को कमजोर करती है और कांग्रेस ऐसे बयानों को बढ़ावा देती है, जिससे समाज में गलत मैसेज आता है. उषा ठाकुर ने कहा कि समय आने पर जनता ऐसे लोगों को जरूर जवाब देगी.