Raja Raghuvanshi Murder Case: शिलांग में बेशक ये खेल रचा गया, लेकिन इंदौर पुलिस ने केस खोला था, जिसका पूरा श्रेय मेघालय पुलिस ने लिया! दरअसल राजा रघुवंशी की लाश मिलने के बाद से इंदौर पुलिस ने अपने खुफिया सूत्रों को काम पर लगाया, इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह का किस्सा मसहूर है, वो अपराधियों को सूंघ लेते हैं, उनकी निगरानी में ही इंदौर के कपल का केस सॉल्व किया गया! पुलिस के मुखबिर को चौंकाने वाली कहानी मिली थी, वो कहानी मोहन यादव तक पहुंची, उसी के बाद इस घटना की CBI जांच की मांग की गई थी! मुखबिरों ने क्या बताया था, ये जानने से पहले आपको जानना होगा? मोहन यादव ने कैसे साबित किया कि वो मुख्य मंत्री की कुर्सी पर बैठकर एक हाईप्रोफाइल केस में कैसा एक्शन लेते है!
हमारे सूत्र कहते हैं कि कमिश्नर के आदेश पर ही इस केस में बिना CDR रिपोर्ट, और बिना पोस्टमार्टम के रिपोर्ट पर सोनम के एंगल की भी जांच हो रही थी! जांच के दौरान ही जब पुलिस के मुखबिरों ने ये पता कर लिया था कि सोनम ही इस मामले की साज़िशकर्ता हैं तो सरकार ने CBI जांच की मांग की थी, अमित शाह को ख़त लिखा, CBI जांच की मांग करते ही मेघालय पुलिस ने केस खोल दिया था! सोनम की CRD रिपोर्ट में खुलासा हुआ है!
जिस दिन राजा रघुवंशी की चिता को आग दी गई थी, उस दिन बड़े पुलिस अधिकारी वहां पर मौजूद थे! पुलिस चिता के आस-पास लोगों पर खासी नज़र रखती है! चार जून को अंतिम क्रियाक्रम में सोनम का आशिक राजा कुशवाहा भी पहुंचा था, सोनम के मुहल्ले से कुछ लोग और आए थे, एक गाड़ी खुद राजा कुशवाहा चला रहा था. हैरानी की बात ये है कि उसने सोनम के पिता को सहारा भी दिया था! क्या राजा कुशवाहा ये साबित करना चाहता था कि आपकी बेटी के लिए राजा रघुवंशी सही दामाद नहीं बल्कि वो खुद है?
पुलिस अधिकारियों को राजा के हाव भाव पर शक होता है! उसी शक के बाद कमिश्नर ने सोनम के एंगल पर जांच के आदेश दिए थे! मध्य प्रदेश पुलिस ने भांप लिया था. लेकिन पुलिस को एक थ्योरी पर शक था, क्योंकि सोनम का कोई अता-पता नहीं था. अगर सोनम ने पहले सरेंडर किया होता तो ये केस मेघालय पुलिस नहीं बल्कि मध्य प्रदेश पुलिस खोलती! UP पुलिस के साथ मिलकर मध्य प्रदेश पुलिस ने अच्छा काम किया! मोहन यादव ने साबित किया कि उन्हें जिस काम के लिए CM की कुर्सी दी गई है, वो उसे सही तरीके से करने की कोशिश कर रहे हैं, सोनम ऐसा करेगी, इसका यक़ीन किसी को नहीं था! लेकिन पुलिस के हाथ से बड़ा किसी अपराधी का कद नहीं होता है! कई होनहार IPS जब ऐसे केस में लगते हैं तो अपराधी खुद सरेंडर करने आता है, जैसा सोनम ने किया!