ये तस्वीरें किसी एथलीट या ओलंपिक धावक की नहीं, बल्कि एक ऐसे आईपीएस अधिकारी की हैं, जो वर्दी पहनने के बाद भी फिटनेस को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। कमर से टायर बांधकर दौड़ लगाना, भारी वजन उठाकर ट्रेनिंग करना और घंटों मैदान में पसीना बहाना इनके रोजमर्रा के रुटीन का हिस्सा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाई देने वाले ये अधिकारी हैं 2014 बैच के IPS अफसर सचिन शर्मा।

कहा जाता है कि सचिन शर्मा का दिन सुबह 5 बजे शुरू होता है। वे घंटों ग्राउंड में एक्सरसाइज करते हैं और देर रात तक ड्यूटी संभालने के बावजूद अपनी फिटनेस से कोई समझौता नहीं करते। शाम को ऑफिस का काम खत्म होते ही फिर मैदान में पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि कई लोग उन्हें “Ironman IPS” कहकर बुलाते हैं।

सचिन शर्मा जहां भी तैनात रहे, वहां उनकी कार्यशैली चर्चा में रही। चाहे छतरपुर हो या उज्जैन, उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रवैया अपनाया। मई महीने में उनकी पोस्टिंग धार जिले में हुई, जहां भोजशाला विवाद को लेकर हाईकोर्ट का फैसला आने वाला था। जिम्मेदारी संभालने के कुछ ही दिनों बाद फैसला आया और पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट कर दिया गया।

इसी दौरान सचिन शर्मा करीब 1500 जवानों के साथ खुले वाहन में फ्लैग मार्च करते नजर आए। RAF, STF, SAF, अश्वरोही बल और जिला पुलिस बल के साथ उन्होंने पूरे इलाके में शक्ति प्रदर्शन किया। ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, मोबाइल पेट्रोलिंग और सघन चेकिंग के जरिए उपद्रवियों को साफ संदेश दिया गया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सोशल मीडिया पर उनका यह अंदाज तेजी से वायरल हुआ। लोग उनके बारे में जानने लगे और इसी दौरान कोविड काल का एक पुराना किस्सा भी सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना महामारी के दौरान सचिन शर्मा खुद बुजुर्गों तक पहुंचते थे, उनकी समस्याएं सुनते थे और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाते थे। अकेले रहने वाले कई बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद भी दिया था।

सचिन शर्मा को जानने वाले बताते हैं कि वे सिर्फ सख्त पुलिस अधिकारी ही नहीं, बल्कि अनुशासन और फिटनेस के प्रतीक भी हैं। अपराधियों के खिलाफ कड़ा रवैया अपनाने वाले सचिन शर्मा खाली समय में क्रिकेट खेलना भी पसंद करते हैं और नेट प्रैक्टिस में भी खूब पसीना बहाते हैं।