बरेली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के छात्र आंदोलन में हिस्सा लेने पर बरेली के गन्ना उत्पादक (स्नातकोत्तर) महाविद्यालय बहेड़ी में असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉमर्स) डॉ. मोहित भारद्वाज को नौकरी से निकाल दिया गया है. डॉ. मोहित भारद्वाज ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उन्हें बिना किसी कारण, बिना शो-कॉज नोटिस, बिना विभागीय जांच और बिना सुनवाई का मौका दिए सेवा से हटा दिया गया.
उनका कहना है कि जंतर-मंतर पर धरना में शामिल होने की वजह से यह कार्रवाई की गई. प्रोफेसर ने बताया कि उनकी नियुक्ति महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्वीकृति के बाद 20 जून 2024 को हुई थी. उन्होंने 11 जुलाई 2024 को कार्यभार संभाला था. कॉलेज ने उन्हें पहचान पत्र और चरित्र प्रमाण-पत्र भी जारी किया था.
उन्होंने कहा कि घर पर उन्हें नजरबंद करने की कोशिश की गई, तब वे छत से कूदकर दिल्ली गए और प्रदर्शन में शामिल हुए. लौटने पर प्रबंधन ने निष्कासन पत्र थमा दिया. प्रोफेसर ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच, सेवा बहाली, बकाया वेतन और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. यह घटना छात्र आंदोलन के समर्थन में आने वाले शिक्षकों पर हो रही कार्रवाई की ओर इशारा करती है, जिससे शिक्षा जगत में बहस छिड़ गई है.