अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों पर विशेष जांच दल (SIT) की जांच अब और चौड़ी हो गई है. राम लला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह समेत विभिन्न उच्च-स्तरीय कार्यक्रमों पर खर्च किए गए 124 करोड़ रुपए से अधिक की राशि की जांच की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, SIT पिछले दो वर्षों के ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड्स की गहन जांच कर रही है.
ऑडिट रिपोर्ट, पेमेंट वाउचर, बिल, चार्टर्ड अकाउंटेंट रिकॉर्ड और व्यय विवरणों की पड़ताल की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि धनराशि ट्रस्ट के निर्धारित वित्तीय नियमों और अनुमोदनों के अनुसार उपयोग हुई या नहीं. जांच के केंद्र में सबसे बड़ा आयोजन 22 जनवरी 2024 का राम लला प्राण प्रतिष्ठा समारोह है, जिसमें लगभग 113 करोड़ रुपए खर्च किए गए. इस भव्य आयोजन में करीब 8,000 अतिथि शामिल हुए थे.
मुख्य खर्च के प्रमुख मद
अन्य आयोजन भी जांच के दायरे में
SIT इन आयोजनों में अनुमोदन प्रक्रिया, भुगतान तरीके और व्यय के सही उपयोग की जांच कर रही है. साथ ही, भक्तों द्वारा दान किए गए सोने-चांदी (2.3 किलो सोना, 83.3 किलो चांदी सहित) के रिकॉर्ड, भंडारण और सुरक्षा की भी पड़ताल की जा रही है. यह विस्तृत जांच दान चोरी के विवाद के बाद शुरू हुई है, जिसके चलते ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र ने इस्तीफा दे दिया था. ट्रस्ट ने प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शिता बढ़ाने का संकल्प लिया है.
ट्रस्ट का कहना है कि दान की सभी कीमती वस्तुएं सुरक्षित हैं और SIT की जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है. अभी तक किसी वित्तीय अनियमितता का निष्कर्ष नहीं निकला है. जांच केवल अनुपालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है. यह घटनाक्रम अयोध्या और राम मंदिर ट्रस्ट की छवि को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है, साथ ही भक्तों के दान के उचित उपयोग पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है.