अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की 6 जुलाई को हुई बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों को मंजूरी दे दी गई। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक लगभग तीन घंटे चली, जो श्री राम मंदिर परिसर में आयोजित की गई। इससे पहले ट्रस्ट की बैठक अयोध्या के अन्य स्थानों पर की जाती थी।
इस्तीफे के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने 7 जुलाई को X पर राम भक्तों के लिए एक पत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने राम मंदिर में हुई दान-पात्र चोरी को लेकर चल रही चर्चाओं और अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को अनर्गल बताया है। उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि उन्होंने मौन धारण कर लिया है।
6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की हुई बैठक में एसआईटी की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अपने पत्र में उन्होंने आश्वासन दिया कि एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद वह सभी बिंदुओं पर अपना उत्तर देंगे और सत्य सामने आने का भरोसा दिलाया।
आगे अपने पत्र में चंपत राय ने अपने 45 वर्षों के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि वह जहाँ-जहाँ रहे, खुली पुस्तक के समान रहे। चंपत राय के बाद अब महासचिव पद के लिए बजरंग बारा का नाम सबसे आगे माना जा रहा है।
विश्व हिंदू परिषद की द्विवार्षिक कार्यकारिणी बैठक 19-20 जुलाई के बीच होने की संभावना है, जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।